इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में बंगाली चौराहे के पास स्थित एक कॉलोनी में बुधवार तड़के करीब 4 बजे भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। एक मकान के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से आग भड़की जो तेजी से फैलते हुए घर तक पहुंच गई। आग की चपेट में आकर और बाद में गैस सिलेंडरों में हुए धमाकों से 7 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि, 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, पुगलिया परिवार के घर के बाहर रात में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पर लगा था। सुबहहुआ करीब 4 बजे चार्जिंग प्वाइंट में अचानक शॉर्ट सर्किट  और कार में आग लग गई। देखते ही देखते लपटें घर तक पहुंच गई जहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे थे। आग लगते ही सिलेंडरों में एक के बाद एक विस्फोट शुरू हो गया जिससे पूरा इलाका दहल उठा और मकान का एक हिस्सा भी ढह गया।

घटना के समय घर में पारिवारिक कार्यक्रम के चलते कई रिश्तेदार भी मौजूद थे। इसी कारण जनहानि अधिक हुई। हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है उनमें विजय सेठिया (65), छोटू सेठिया (22), सुमन (60), मनोज (65), सिमरन (30), राशि सेठिया (12) और टीनू (35) शामिल हैं। वहीं, सौरभ पुगलिया (30), आशीष (30) और हर्षित पुगलिया (25) गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।

इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि घटना तिलक नगर थाना क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अशुरुआती जांच में सामने आया है कि घर के बाहर चार्ज हो रहे इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग प्वाइंट में विस्फोट हुआ। जिसके बाद आग वाहन से होते हुए घर के अंदर फैल गई। घर में 10 से अधिक गैस सिलेंडर रखे थे जिनमें से कई में विस्फोट हुआ।

प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में चार्जिंग से जुड़ी सुरक्षा पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर विशेषज्ञों की समिति बनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए मानक प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।