मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में 14 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे अपनी सहेली के साथ प्री बोर्ड परीक्षा देने घर से निकली थी लेकिन रास्ते में ही बाइक सवार युवकों ने उसे अगवा कर लिया। कई घंटे बाद छात्रा गांव के पास निबिहा जंगल में बेहोशी की हालत में मिली। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, छात्रा अपनी सहेली के साथ पैदल स्कूल जा रही थी। इसी दौरान दो बाइक पर सवार चार युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि चारों युवक दोनों छात्राओं को जबरन अपने साथ जंगल की ओर ले गए। कुछ दूरी पर एक छात्रा को बीच रास्ते में छोड़ दिया गया जबकि, दूसरी किशोरी को आरोपी अपने साथ ले गए। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने नाबालिग को भारी मात्रा में नशीला पदार्थ दिया जिससे वह बेहोश हो गई और उसके बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

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परिवार के मुताबिक, जब छात्रा शाम तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सहेली से जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों की मदद से खोजबीन तेज की गई। काफी देर तलाश के बाद छात्रा गांव के पास स्थित जंगल में बेसुध हालत में मिली। परिजनों ने तत्काल उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि छात्रा को इतनी अधिक मात्रा में नशीला पदार्थ दिया गया था कि छह घंटे बाद भी उसे होश नहीं आया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी और एसडीओपी सची पाठक थाने पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। पुलिस के अनुसार, इस मामले में चार आरोपियों के नाम सामने आए हैं। इनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। जबकि, बाकी आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीम दबिश दे रही हैं। 

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मऊगंज थाना प्रभारी संदीप भारती के मुताबिक, पीड़िता अभी नशीले पदार्थ के प्रभाव से पूरी तरह उबर नहीं पाई है जिसके कारण उसका बयान दर्ज नहीं किया जा सका है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है इसलिए फिलहाल परिजनों के कथन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 363 और 64 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।