नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में अमेरिका की शर्तों पर ट्रेड डील और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब पर सातवें दिन भी हंगामा जारी है। गुरुवार को भी विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोके जाने पर हंगामा किया। हालांकि सरकार ने लोकसभा में धन्‍यवाद प्रस्‍ताव को ध्वनिमत से पारित करा लिया।

गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। ऐसे में 65 सेकंड के भीतर ही कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन 5 मिनट बाद ही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। हंगामे के कारण पीएम मोदी ने लोकसभा में भाषण तक नहीं दिया। 

दरअसल, नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी जब लोकसभा में आएंगे तो वे उन्हें जनरल नरवणे की पुस्तक भेंट करेंगे। राहुल गांधी के इस ऐलान के कारण पीएम बुधवार को भी संसद नहीं आए थे। जबकि शाम पांच बजे उनका संबोधन पहले से तय था। लेकिन उन्होंने अपना स्पीच कैंसिल कर दिया। उम्मीद थी कि गुरुवार को पीएम मोदी लोकसभा में बोलेंगे। लेकिन परंपराओं के उलट उनके भाषण के बगैर ही धन्यवाद प्रस्ताव पास कराया गया।

उधर, राज्यसभा में भी राहुल गांधी को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाया गया। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने LoP खड़गे से कहा कि 4 दिन हो गए। राहुल गांधी नियम नहीं मानते, आप उन्हें समझाते क्यों नहीं। वहीं, राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्‌डा ने मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा कि राज्यसभा में लोकसभा का मुद्दा नहीं उठा सकते। इसपर हंगामा शुरू हो गया।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को एमएम नरवणे की किताब से कोट करने की इजाजत नहीं दी गई। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद दोनों सदन से चलता है ऐसा नहीं है कि लोकसभा को आपने पैरेलाइज कर दिया और राज्यसभा चला रहे हैं। इसके बाद हंगामा कर रहे विपक्षी सांसद वॉकआउट कर गए। खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है, अगर राहुल गांधी कुछ कहने लगते हैं तो आपको खुजली हो जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज शाम 5 बजे राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं।