उज्जैन। कोलकाता में आयोजित स्कूल नेशनल गेम्स के दौरान हादसे का शिकार हुए उज्जैन के 17 वर्षीय जिम्नास्ट उजैर अली का 14 दिन के इलाज के बाद निधन हो गया। बीते 28 जनवरी को उन्होंने अंतिम सांस ली। शुक्रवार को फ्लाइट से पार्थिव शरीर इंदौर लाया जाएगा जिसके बाद उज्जैन में अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस घटना से खेल जगत और परिवार में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
उज्जैन के जामा मस्जिद क्षेत्र के निवासी उजैर अली 12 जनवरी को एसजीएफआई की ओर से स्कूल नेशनल गेम्स (अंडर-17 जिम्नास्टिक) में भाग लेने कोलकाता पहुंचे थे। 16 जनवरी को दोपहर करीब 1:50 बजे प्रतियोगिता शुरू होने से कुछ मिनट पहले वे वार्मअप कर रहे थे। इसी दौरान हाथ फिसलने से वे सिर के बल जमीन पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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हादसे के तुरंत बाद उजैर को कोलकाता के पीजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही और 14 दिनों तक इलाज चला लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। परिवार के अनुसार, इलाज के दौरान सांसद अनिल फिरोजिया और बंगाल सरकार की ओर से हरसंभव मदद की गई।
उजैर के मामा डॉ. साकिब ने कोच और टीम मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब परिवार कोलकाता पहुंचा तब तक कोच और मैनेजर घायल उजैर को अस्पताल में छोड़कर जा चुके थे। उनका कहना है कि उजैर की मौत के बाद भी कोच और मैनेजर ने परिवार के फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया था।
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वहीं, टीम मैनेजर रामसिंह बनिहार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि वे अंडर-17 और अंडर-19 की दो टीमों के कुल 43 खिलाड़ियों के साथ कोलकाता गए थे। बीते 16 जनवरी को जिम्नास्टिक इवेंट दोपहर 2 बजे होना था। उससे ठीक पहले वार्मअप के दौरान उजैर घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और डॉक्टरों द्वारा हालत गंभीर बताए जाने पर परिवार को सूचना दी गई। मैनेजर के मुताबिक, बंगाल सरकार और एसजीएफआई ने इलाज और अन्य खर्चों का पूरा सहयोग किया।
उजैर अली को एक बेहद प्रतिभाशाली जिम्नास्ट माना जाता था। वे बचपन से पढ़ाई के साथ जिम्नास्टिक्स की नियमित ट्रेनिंग ले रहे थे। स्टेट लेवल पर कई प्रतियोगिताओं में वे चैंपियन रहे और प्रदेश के टॉप जिम्नास्ट भी घोषित किए गए थे। इसी शानदार प्रदर्शन के आधार पर उनका नेशनल लेवल पर चयन हुआ था लेकिन प्रतियोगिता शुरू होने से ठीक पहले हुए इस दर्दनाक हादसे ने उनका भविष्य छीन लिया।
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