भोपाल। राजधानी भोपाल के बैरसिया क्षेत्र में भाजपा विधायक विष्णु खत्री का भागवती वेयर हाउस एक बार फिर विवादों में आ गया है। खाद्य विभाग द्वारा कुछ महीने पहले समर्थन मूल्य पर समय से पहले गेहूं खरीदी के मामले में ब्लैकलिस्ट किए गए इस वेयरहाउस की अब पहली यूनिट को उपार्जन केंद्र बनाकर दोबारा खरीदी शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, यहां से पिछले 10 दिनों में करीब ढाई हजार क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।

मामला बैरसिया के तरावली कलां स्थित भागवती वेयर हाउस से जुड़ा है। इससे पहले वेयरहाउस की दूसरी यूनिट को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए उपार्जन केंद्र बनाया गया था। आरोप था कि केंद्र पर आधिकारिक खरीदी शुरू होने से पहले ही 35 किसानों से करीब 6,500 क्विंटल गेहूं खरीदकर गोदाम में रखवा लिया गया था। शिकायत और जांच के बाद खाद्य विभाग की टीम ने विपणन सहकारी समिति बैरसिया और भागवती वेयर हाउस को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। साथ ही दूसरी यूनिट को उपार्जन केंद्रों की सूची से हटा दिया गया था।

कार्रवाई के बाद वहां खरीदी पूरी तरह बंद कर दी गई थी लेकिन अब अधिकारियों ने उसी वेयरहाउस की पहली यूनिट को उपार्जन केंद्र के रूप में मंजूरी देकर गेहूं खरीदी दोबारा शुरू करवा दी है। जानकारी के अनुसार, यह प्रक्रिया गुपचुप तरीके से पूरी की गई। अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ स्तर से निर्देश मिलने के बाद पहली यूनिट को मैप कर खरीदी की अनुमति दी गई।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस समय दूसरी यूनिट में गड़बड़ी सामने आई थी उस दौरान पहली यूनिट में पीडीएस का राशन रखा हुआ था। अब राशन का उठाव हो जाने के बाद वहां समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कराई गई है। हालांकि, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) पहले ही गेहूं भंडारण के लिए गोदाम रिजर्व कर चुका था। इसके बावजूद भागवती वेयर हाउस की पहली यूनिट को केंद्र बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

इस पूरे मामले पर भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का कहना है कि बैरसिया और आसपास के गांवों के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहली यूनिट में खरीदी शुरू कराई गई है। उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता न हो।