मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति के लिए 'मिनी विधानसभा' कहे जाने वाले 29 महानगरपालिकाओं के चुनावी दंगल का आज निर्णायक दिन है। देश के सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के नतीजों पर न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की नजर है। पिछले दो दशकों से अधिक समय से यहां शिवसेना का दबदबा रहा है, लेकिन पार्टी में फूट के बाद यह पहली बार है जब मतदाताओं ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व के बीच अपना फैसला सुनाया है।

मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में भाजपा+शिवसेना (शिंदे) अलायंस कुल 227 सीटों में से 118 सीटों पर आगे चल रहा है। इसके अलावा नागपुर, पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, पिंपड़ी चिंचवाड और नासिक में भी भाजपा गठबंधन को बढ़त है।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में बीजेपी और पार्टी गठबंधन की जीत पर कहा- सभी पार्टी कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत से BJP ने राज्य में एक बार फिर शानदार जीत हासिल की है। यह जीत BJP के विकास और प्रगति सुनिश्चित करने वाले विजन में लोगों के भरोसे को दिखाती है।

बीएमसी चुनाव में शानदार जीत के बाद भी बीजेपी के मुंबई दफ्तर में जश्न नहीं मनाया जा रहा है। इसकी वजह आचार संहिता का पालन करना है। चुनाव परिणामों के दौरान और उसके तुरंत बाद विजय जुलूस या बड़े सार्वजनिक जश्न पर चुनाव आयोग के कड़े दिशा-निर्देश लागू होते हैं, जिसका उल्लंघन करने से बचने के लिए पार्टी ने संयम बनाए रखा है। BJP नेतृत्व ने यह भी संकेत दिया है कि जब तक सभी सीटों के अंतिम और आधिकारिक नतीजे घोषित नहीं हो जाते, तब तक वे पूरी तरह से औपचारिक जश्न से बचें।

लातूर में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। 70 में से 43 सीटें जीतीं। चंद्रपुर में भी कांग्रेस लीड कर रही है। परभणी नगर निगम में शिवसेना (उद्धव) को बढ़त है। वसई विरार में बहुजन विकास अगाड़ी (VBA) और मालेगांव में शिवसेना (शिंदे) आगे चल रही है। शुक्रवार को नगर निगम चुनाव की सुबह 10 से काउंटिंग जारी है। राज्य में निगम चुनाव के लिए 15 जनवरी को वोटिंग हुई थी। 893 वार्डों में कुल 15,931 उम्मीदवार मैदान में हैं। नगर निगम की कुल 2869 सीटें हैं। इनमें से 68 उम्मीदवार निर्विरोध जीत हासिल कर चुके हैं।