भोपाल। राजधानी की अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर विवाद बढ़ गया है। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने नगर निगम पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए निगम आयुक्त से नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को सील करने की मांग की है। समिति का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। यदि निगम ने कदम नहीं उठाया तो समिति अवमानना याचिका दायर करेगी।
समिति ने अपने पत्र में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही संबंधित संपत्तियों के स्वीकृत नक्शों, भू उपयोग और भवन निर्माण की अनुमतियों की जांच कर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने की बात कही है।
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संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के मुताबिक, हाईकोर्ट ने 8 सितंबर को जारी आदेश में संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद भू उपयोग और जरूरी अनुमतियों की जांच करने तथा चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। समिति का आरोप है कि इसके बाद भी कॉलोनी के आवासीय इलाकों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
रहवासियों का कहना है कि आवासीय भूखंडों पर लगातार बढ़ते व्यावसायिक इस्तेमाल से कॉलोनी का मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है। उनका मानना है कि समय रहते नियमों का पालन नहीं कराया गया तो आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार और बढ़ सकता है।
समिति के दावे के अनुसार, साल 2022 में अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों के लगभग 20 मामले थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 80 से अधिक हो गई है। समिति ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन कुछ संपत्तियों को पहले सील किया गया था वहां दोबारा व्यावसायिक गतिविधियां शुरू होने की शिकायतें सामने आई हैं। रहवासियों के मुताबिक, केवल सीलिंग की कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। नियमों का उल्लंघन दोबारा न हो इसके लिए नगर निगम को नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
समिति ने स्पष्ट किया कि किसी आवासीय भूखंड को फ्रीहोल्ड कराने का अर्थ यह नहीं है कि उस पर मनमाने ढंग से व्यावसायिक गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। इसके लिए निर्धारित नियमों के तहत जरूरी अनुमतियां लेना अनिवार्य है।
समिति ने प्रस्तावित मास्टर प्लान 2047 का हवाला देकर मौजूदा व्यावसायिक गतिविधियों को उचित ठहराने की कोशिशों पर भी आपत्ति जताई है। उसकी मांग है कि प्रत्येक संबंधित संपत्ति के वास्तविक भू उपयोग, स्वीकृत भवन नक्शे और उपलब्ध अनुमतियों की जांच की जाए। जहां नियमों का उल्लंघन मिले वहां नियमानुसार सीलिंग समेत अन्य कार्रवाई की जाए।
अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने आवासीय वातावरण और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है। समिति ने नगर निगम से अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। अब इस मामले में नगर निगम की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्देशों के अनुरूप कदम नहीं उठाए गए तो वह अदालत में अवमानना याचिका दायर करने का विकल्प अपनाएगी।
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