भोपाल। मध्य प्रदेश के भांडेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान को लेकर विवाद गहराया जा रहा है। सीएम मोहन यादव ने बरैया पर समाज में जहर घोलने का आरोप लगाया है। वहां, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे उनका व्यक्तिगत राय करार देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।

दरअसल, विधायक फूल सिंह बरैया का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कह रहे हैं कि धर्मग्रंथों में लिखा है कि यदि कोई तीर्थ पर नहीं जा पा रहा है तो वह दलित आदिवासी वर्ग की महिला या बच्ची के साथ रेप करेगा तो उसे वही फल मिलेगा जो तीर्थ करने से मिलता है। वीडियो में बरैया कहते हैं कि देश में सबसे ज्यादा रेप शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब और मोस्ट ओबीसी से होता है।

बरैया आगे कहते हैं कि रेप की थ्योरी ये है कि कैसे भी दिमाग का व्यक्ति रास्ते में जा रहा है, उसे खूबसूरत अति सुंदर लड़की यदि दिखी तो उसका ब्रेन विचलित हो सकता है तो रेप हो सकता है। वो पूछते हैं कि आदिवासियों में, एससी में कौन सी अति सुंदर स्त्री है? लेकिन उनके साथ बलात्कार क्यों होता है? क्योंकि उनके धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं। बरैया के इस विवादित बयान पर बीजेपी हमलावर है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीएम ने कहा, 'फूल सिंह बरैया समाज में जहर घोलने का काम रहे हैं, राहुल गांधी को उनके खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। उन्हें पार्टी से बाहर करें। लगे कि हां उनके मन में समाज के बाकी वर्गों के लिए कोई सम्मान है। मैं उनके इस बयान की निंदा करता हूं। वो विधायक हैं और उनका उत्तरदायित्व है कि वो इस तरह की बातों से बचें।'

मामले पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने बरैया से स्पष्टीकरण मांगा है। पटवारी ने कहा कि महिलाओं के साथ बलात्कार करने वाले अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता है। वह सिर्फ एक अपराधी होता है, जिसे कानून के अनुसार कठोर सजा मिलनी चाहिए। फूलसिंह बरैया का जो बयान सामने आया है, वह उनका व्यक्तिगत विचार है। कांग्रेस पार्टी इस प्रकार के बयान से इत्तेफाक नहीं रखती। इस संदर्भ में उनसे स्पष्टिकरण माँगा गया है।

वहीं, विधायक बरैया ने कहा कि जिस बयान को लेकर मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह मेरा स्वयं का बयान नहीं है। वह बयान हरिमोहन झा का है, जो बिहार में दर्शनशास्त्र के एचओडी रह चुके हैं। मैंने उस कथन को केवल एक संदर्भ में कोट किया था। मैं स्वयं भी उस बयान से सहमत नहीं हूँ।