भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' 20 अक्टूबर (विजयादशमी) पर उज्जैन के महाकाल मंदिर से पांच नदियों का जल लेकर अयोध्या के लिए रवाना होगी। सिंह ने इस यात्रा को गैर राजनीतिक बताया है ऐसे में इस दौरान कांग्रेस या अन्य किसी पार्टी झंड़ा और राजनीतिक बातें नहीं होंगे। सिंह के कार्यालय ने 20 अक्टूबर से लेकर 5 नवंबर अक्टूबर 2026 तक का विस्तृत यात्रा मार्ग जारी कर दिया गया है। 

करीब 950 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर से होते हुए अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक पहुंचेगी। यात्रा के शुभारंभ और आयोजन की तैयारियों को लेकर उज्जैन के शिप्रा गार्डन में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान दद्दा शिष्य मंडल के वरिष्ठ सदस्य व यात्रा में असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण के संयोजक सुरेंद्र सुहाने ने पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन और भंडारे के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण भी किया।

सुरेंद्र सुहाने ने बताया कि यात्रा के लिए एक विशेष रथ तैयार किया जा रहा है, जिसमें देश की पांच पवित्र नदियों के जल से भरे कलश स्थापित किए जाएंगे। उज्जैन जिले में यात्रा का प्रवास पांच दिनों का प्रस्तावित है। रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की जा रही है। यात्रा का पहला पड़ाव कनिपुरा होगा। इसके बाद पदयात्रा सिंदूरिया, तराना और कनासिया से होते हुए शाजापुर जिले में प्रवेश करेगी। 

प्रथम चरण का तारीखवार यात्रा मार्ग

20 अक्टूबर: उज्जैन से पदयात्रा का शुभारंभ, रात्रि विश्राम तराना रोड, उज्जैन।
21 अक्टूबर: उज्जैन से ताजपुर जोड़ होते हुए सिंदुरिया।
22 अक्टूबर: सिंदुरिया से तराना।
23 अक्टूबर: तराना से सिद्धिपुर होते हुए देवाखेड़ा-जूनापानी जोड़।
24 अक्टूबर: देवाखेड़ा से करेड़ी माताजी मंदिर होते हुए शाजापुर।
25 अक्टूबर: शाजापुर से पनवाड़ी।
26 अक्टूबर: पनवाड़ी से सारंगपुर।
27 अक्टूबर: सारंगपुर से तुकोगंज होते हुए गुलावता।
28 अक्टूबर: गुलावता से खजनेर।
29 अक्टूबर: खजनेर से करेड़ी।
30 अक्टूबर: करेड़ी से राजगढ़।
31 अक्टूबर: राजगढ़ से कालीपीठ।
1 नवंबर: कालीपीठ से नयापुरा जोड़।
2 नवंबर: नयापुरा जोड़ से चाचौड़ा होते हुए बीनागंज।
3 नवंबर: बीनागंज से घाटाखेड़ी।
4 नवंबर: घाटाखेड़ी से सागर ग्राम।
5 नवंबर: सागर ग्राम से पाटई आश्रम, राघौगढ़।

5 नवंबर को प्रथम चरण की पदयात्रा पाटई आश्रम पहुंचने के पश्चात दीपावली पर्व के अवसर पर पांच दिवसीय अवकाश रहेगा।

सत्य, धर्म, न्याय और स्वाभिमान का संदेश लेकर निकलेगी यात्रा

‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल आदर्शों सत्य, न्याय, सदाचार, करुणा और स्वाभिमान के प्रति जनजागरण करना तथा धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के दान एवं चढ़ावे के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को जन-जन तक पहुंचाना है। यात्रा के दौरान विभिन्न नगरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों, धर्मावलंबियों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों से संवाद किया जाएगा। यात्रा के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, धार्मिक आस्था के सम्मान और सत्य एवं न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया जाएगा।

यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान

‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के आयोजकों ने सभी सनातन धर्मावलंबियों, संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, युवाओं, मातृशक्ति एवं आम नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्रों में यात्रा का स्वागत करने तथा सत्य, धर्म, न्याय और स्वाभिमान के इस संकल्प में सहभागी बनने का सादर आह्वान किया है। सिंह के कार्यालय ने बताया कि यात्रा के निर्धारित मार्ग, कार्यक्रम, रात्रि विश्राम स्थलों एवं सहभागिता संबंधी अन्य जानकारियों के लिए 0755-2441788 एवं 0755-2441790 पर संपर्क किया जा सकता है।