अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO समिट के दौरान कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता (MoU) अब खत्म हो चुका है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अब वे ईरान से कोई डील नहीं करना चाहते। ट्रंप ने कहा कि पिछली रात अमेरिका ने ईरान पर जोरदार हमला किया और खतरनाक लोगों को निशाना बनाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हर बार वे (ईरान) हमला करेंगे, हम जवाब देंगे।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना है। ट्रम्प ने NATO पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गठबंधन ने "दुनिया के सबसे बड़े आतंक समर्थक देश ईरान" के खिलाफ अमेरिका का साथ नहीं दिया।

इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया था कि उसने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिका के मुताबिक, यह कार्रवाई होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।

दरअसल, खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ईरान ने होर्मुज में 3 टैंकरों को निशाना बनाया था, जिसमें एक टैंकर कतर का था। ईरान ने चेतावनी दी कि हमारी तरफ से तय रुट इस्तेमाल नहीं होने पर सुरक्षा की गारंटी नहीं रहेगी। वहीं, कतर ने होर्मुज में उसके जहाज पर हमले की निंदा करते हुए ईरान को कानूनी रूप से पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कहा कि ईरानी हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप इस समय तुर्की की राजधानी अंकारा में हैं जहां वह नाटो शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं। यहां जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो गया है, तो उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से तो यह खत्म हो गया है।" उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत (नेगोशिएशन) करना बस समय की बर्बादी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के प्रतिनिधि ईरान के साथ बातचीत जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें शक है कि इसका कोई फायदा होगा भी या नहीं। उन्होंने कहा कि वे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।