खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित नकली घी फैक्ट्री का खुलासा किया है। इमलीपुरा इलाके में बेगम पार्क के पास संचालित इस अवैध यूनिट से छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में जानवरों की चर्बी, हड्डियां, खाल और संदिग्ध घी बरामद की गई। प्रशासन के मुताबिक, मौके से करीब 3,350 लीटर चर्बी युक्त घी भी जब्त की गई थी। जब्त घी 69 टीन के डिब्बों और 9 बड़े नीले ड्रमों में भरा हुआ था। पुलिस इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों और गुप्त सूचना के आधार पर की गई। छापेमारी में सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर, तहसीलदार महेश सोलंकी, नगर निगम उपायुक्त सचिन सिटोले, सीएसपी अभिनव बारंगे, पशु चिकित्सा विभाग की टीम और पुलिस बल शामिल थे। टीम जब इमलीपुरा स्थित अनवर कुरैशी के मकान और उससे जुड़े दूसरे परिसर में पहुंची तो वहां बड़ी मात्रा में जानवरों के अवशेष मिले।

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अधिकारियों ने बताया कि परिसर में बोरियों में भरी पशुओं की खाल, हड्डियां और मांस के अवशेष रखे हुए थे। जबकि, कई ड्रम और कनस्तरों में लिक्विड रूप में संदिग्ध घी और चर्बी मिली थी। प्रशासन ने पूरे माल को जब्त कर नगर निगम के चार ट्रकों में भरकर सुरक्षित कराया। इसके अलावा मवेशियों के अवशेषों से भरे तीन अन्य ट्रक भी मौके से बरामद किए गए।

पुलिस ने मौके से अनवर और उसके सहयोगी शकील को हिरासत में लिया है। पूछताछ के दौरान अनवर ने दावा किया कि उसके पास साल 2023 का अपशिष्ट सामग्री रखने संबंधी ट्रेड लाइसेंस है। लेकिन प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि लाइसेंस की आड़ में कहीं अवैध गतिविधियां तो नहीं चलाई जा रही थी।

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प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पशुओं की चर्बी को प्रोसेस कर घी और तेल जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। तैयार किए जाने के बाद इन्हें बाजार में सप्लाई किया जाता था। हालांकि, अधिकारी फिलहाल लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी अनिल कश्यप ने बताया कि मौके से लिए गए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद सामग्री किस जानवर की थी और उसका इस्तेमाल किस रूप में किया जा रहा था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा था। रहवासियों ने आरोप लगाया कि इलाके में लगातार तेज दुर्गंध फैलती थी। जिसकी वजह से बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत खराब हो रही थी। उन्होंने कई बार प्रशासन और पुलिस से शिकायत की थी लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई। कुछ लोगों ने दावा किया कि इससे पहले भी इसी इलाके में चर्बी से घी बनाने वाली एक यूनिट पकड़ी जा चुकी है।

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मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक कंचन तनवे भी मौके पर पहुंची और घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने गोवंश हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जानकारी राज्य सरकार तक पहुंचाने की बात कही। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस दावे की पुष्टि की जा सकेगी। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की कॉल डिटेल और सप्लाई नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।