बालाघाट। मध्य प्रदेश में आदिवासी बच्चों की मौत का मुद्दा लगातार राजनीतिक चर्चा में बना हुआ है। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को बालाघाट पहुंचे। यहां वे मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। इससे पहले उन्होंने बालाघाट के बिरसा ब्लॉक में माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल में बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने उनसे मिड डे मील के बारे में जाना।
राहुल महाराष्ट्र के बिरसी एयरपोर्ट से दोपहर 12.02 बजे सड़क मार्ग से रवाना हुए थे। वे रजेगांव, सालेटेगा, कोसमी बायपास से भरवेली, सोनेवानी, बिठली होते हुए ग्राम जगला पहुंचेंगे। उनका काफिला सबसे पहले ग्राम माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल में रुका, जहां राहुल ने बच्चों से मध्याह्न भोजन पर बात की। इसके बाद वे जगला गांव के लिए रवाना हो गए। यहां वे उन बैगा आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे, जिनकी बीमारी के चलते मौत हुई है।
बालाघाट जिले में पिछले 3 महीनों में कुपोषण और मलेरिया से 32 आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। राहुल उन पांच बच्चों के परिवारों से मिलेंगे, जिनकी मौत प्रशासन के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। बालाघाट पहुंचने से पहले राहुल गांधी ने एक एक्स पोस्ट में लिखा कि मैं आज बालाघाट आ रहा हूं। उन आदिवासी परिवारों से मिलने, जिन्होंने बीमारी और BJP सरकार की उपेक्षा के कारण अपने मासूम बच्चों को खोया है। उनके साथ वक्त बिताकर उन्हें बताना चाहता हूं कि इस दुख में वो अकेले नहीं हैं, मैं उनके साथ हूं।
राहुल गांधी ने आगे लिखा कि कुछ दिनों पहले केन-बेतवा आंदोलन के आदिवासी भाई-बहनों से भी मिला था। परियोजना के कारण आज उनके गांव डूब रहे हैं, मगर सरकार से उन्हें न पुनर्वास मिला न मुआवज़ा - मिला है तो प्रताड़ना, सरकारी दमन और हिंसा। इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’ के दौरान भी आदिवासी छात्रों ने बताया - स्कूल नहीं हैं, कॉलेज बदहाल हैं, हॉस्टल और खाना नर्क जैसा, परीक्षाओं में धांधली और उनके आरक्षण के अधिकार से खिलवाड़ हो रहा है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश के आदिवासियों की ये तकलीफें BJP-RSS की उस सोच का हिस्सा हैं जो उन्हें भारत के पहले मालिक नहीं, वनवासी मानती है। जल, जंगल, जमीन के साथ शिक्षा, रोजगार और सम्मान भी छीन लेना चाहती है और अहंकार में वो कुछ सुनना नहीं चाहती। आदिवासी भाई-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि मैं आपके साथ हर संघर्ष में खड़ा हूं - आपकी आवाज़ बुलंद करना मेरी ज़िम्मेदारी है और मैं इस बहरी सरकार को वो पूरी शक्ति के साथ सुनाऊंगा।