भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने जंगलों से हो रही अवैध कटाई को गंभीर चुनौती मानते हुए वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। नर्मदापुरम जिले में सागौन और साल के पेड़ों की अवैध कटाई के बढ़ते मामलों के बाद वहां के वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) मयंक गुर्जर को पद से हटाकर भोपाल स्थित वन बल प्रमुख मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। इसी के साथ भारतीय वन सेवा और राज्य वन सेवा के कुल 48 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं जिनमें 15 से अधिक वन मंडलों में डीएफओ बदले गए हैं।

सरकारी स्तर पर सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अवैध कटाई के सबसे अधिक मामले नर्मदापुरम जिले में दर्ज हुए हैं। इसी वजह से वन मंडल और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की गहन समीक्षा की गई। जांच के बाद यह निष्कर्ष निकला कि वन संपदा की सुरक्षा को और सख्त करने के लिए बड़े स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है। इसके तहत न केवल नर्मदापुरम के डीएफओ को हटाया गया बल्कि कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

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आदेश के अनुसार, कुछ अधिकारियों को संरक्षण शाखा से हटाकर अनुसंधान, विस्तार, विकास और टाइगर रिजर्व से जुड़े अहम पदों पर पदस्थ किया गया है। जबकि कई अधिकारियों को जिला स्तर से हटाकर मुख्यालय में नई भूमिका दी गई है। विभाष कुमार ठाकुर को पीसीसीएफ संरक्षण, वन मुख्यालय भोपाल से हटाकर पीसीसीएफ अनुसंधान एवं विस्तार, वन मुख्यालय भोपाल बनाया गया है। वहीं, अमित कुमार दुबे को संजय टाइगर रिजर्व, सीधी से एपीसीसीएफ संरक्षण, वन मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया गया है।

इसी क्रम में प्रफुल नीरज गुलाबराव फुलझेले को राज्य लघुवनोजन संघ भोपाल से राज्य वन विकास निगम भोपाल का सीसीएफ बनाया गया है। मस्तराम बघेल का तबादला उज्जैन वृत्त से जबलपुर वृत्त किया गया है। जबकि, कमल अरोरा को जबलपुर से छिंदवाड़ा वृत्त भेजा गया है। मधु व्ही राज अब छिंदवाड़ा से बैतूल वृत्त में सेवाएं देंगे और आलोक पाठक को राज्य वन विकास निगम भोपाल से उज्जैन वृत्त का सीएफ नियुक्त किया गया है।

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बासु कनौजिया बैतूल वृत्त से खंडवा वृत्त पहुंचे हैं और क्षितिज कुमार को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी से सीएफ भोपाल वृत्त बनाया गया है। विपिन कुमार पटेल अनूपपुर से जबलपुर कार्य आयोजना पहुंचे हैं। जबकि, प्रदीप मिश्रा को इंदौर से बैतूल कार्य आयोजना इकाई भेजा गया है। अब्दुल अलीम अंसारी को नौरादेही वन्यप्राणी से सिवनी कार्य आयोजना इकाई में नई जिम्मेदारी दी गई है।

नरेश कुमार दोहरे रतलाम से उप वन संरक्षक कार्यालय, वन बल प्रमुख मुख्यालय भोपाल पहुंचे हैं। प्रकाश कुमार वर्मा को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से कान्हा टाइगर रिजर्व का उप संचालक बनाया गया है। जबकि, अनिल चौपड़ा हरदा से वन बल प्रमुख मुख्यालय भोपाल भेजे गए हैं। पुनील गोयल को कान्हा से पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी स्थानांतरित किया गया है।

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इसके अलावा अंकित पांडेय को ग्वालियर से विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी बनाया गया है और गौरव शर्मा को कटनी से नर्मदापुरम का डीएफओ नियुक्त किया गया है। पुनीत सोनकर को डिंडोरी से जबलपुर, अशोक सोलंकी को मुख्यालय भोपाल से डिंडोरी और रजनीश कुमार सिंह को पेंच टाइगर रिजर्व से नौरादेही वन्यप्राणी भेजा गया है। गर्वित गंगवार को उत्तर पन्ना से कटनी, स्वरूप दीक्षित को ईको पर्यटन विकास बोर्ड भोपाल से पूर्व छिंदवाड़ा और ऋषि मिश्रा को जबलपुर से छतरपुर डीएफओ बनाया गया है।
 
साथ ही सर्वेश सोनवानी को छतरपुर से जनसंपर्क एवं विक्रय डिपो, नई दिल्ली भेजा गया है। डेविड व्यंकटराव को राज्य वन विकास निगम भोपाल से अनूपपुर डीएफओ बनाया गया है। जबकि, अरिहंत कोचर को दक्षिण बालाघाट उत्पादन से दक्षिण बैतूल डीएफओ नियुक्त किया गया है। सरकार का कहना है कि यह व्यापक प्रशासनिक बदलाव अवैध कटाई पर लगाम लगाने और वन संरक्षण को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम है।

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