उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक बाघिन की मौत के मामले में वन विभाग ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला चंदिया परियोजना परिक्षेत्र के चंदवार बीट (कक्ष क्रमांक पीएफ 111) के राजस्व क्षेत्र का है। यहां बीते 6 अप्रैल को बाघिन का शव बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि शिकारियों द्वारा बिछाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से बाघिन की मौत हुई थी।
वन विभाग के अनुसार, आरोपियों ने 28 और 29 मार्च की रात जंगली सूअर, चीतल समेत अन्य वन्य जीवों के शिकार के लिए अवैध रूप से बिजली का करंट फैलाया था। इसी दौरान बाघिन भी करंट की चपेट में आ गई। जिसकी वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी घबरा गए और कई दिनों तक उस इलाके में वापस नहीं गए।
यह इलाका राजस्व भूमि होने के कारण ग्रामीणों और किसानों की आवाजाही यहां बनी रहती है। कुछ लोगों ने वहां बाघिन का शव देखा। जिसके बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
मंगलवार को किए गए पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि बाघिन की उम्र करीब सात वर्ष थी और उसकी मौत करंट लगने से हुई है। जांच के आधार पर वन विभाग ने गुरुवार रात पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें राजेश, नाथू, पुरुषोत्तम, संजय और अल्लू शामिल हैं। सभी आरोपी मझगंवा गांव के निवासी बताए गए हैं।
यह भी पढ़ें:MP में मौसम ने लिया यू-टर्न, आंधी-बारिश का दौर थमा, अब 4 से 6 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान
संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी ने बताया कि मामले की जांच शव मिलने के दिन से ही लगातार जारी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकारियों ने बिजली लाइन का उपयोग कर वन्य जीवों का शिकार करने की कोशिश की थी। जो कि अवैध और बेहद खतरनाक तरीका है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।