MP में मौसम ने लिया यू-टर्न, आंधी-बारिश का दौर थमा, अब 4 से 6 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत आंधी, बारिश और ओलों के साथ हुई लेकिन अब मौसम साफ होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक बारिश नहीं होगी और तापमान 4 से 6 डिग्री तक बढ़ेगा।

Updated: Apr 10, 2026, 10:07 AM IST

मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत असामान्य मौसम के साथ हुई है। यहां 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चलता रहा। हालांकि, मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार शुक्रवार से यह सिलसिला थम जाएगा और प्रदेश में तेज गर्मी की शुरुआत होगी। अगले कुछ दिनों में दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी का अनुमान है।

मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि बीते दिनों सक्रिय रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और अन्य मौसमीय सिस्टम अब कमजोर पड़ रहे हैं। इनके प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिले उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में गुरुवार तक कहीं तेज आंधी तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, अब अगले पांच दिनों तक प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है और मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है लेकिन इसका असर मध्य प्रदेश पर सीमित ही रहने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ेगी।

दरअसल, अप्रैल और मई को प्रदेश में गर्मी के सबसे अहम महीने माना जाता है। इस साल मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। आमतौर पर मार्च के अंत में तापमान तेजी से बढ़ता है लेकिन इस बार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते महीने के आखिरी दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी।

सिर्फ अप्रैल ही नहीं बल्कि फरवरी और मार्च में भी मौसम ने कई बार करवट बदली थी। फरवरी में चार अलग-अलग चरणों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ और सरकार को सर्वे कराना पड़ा था। मार्च में भी पहले पखवाड़े में तेज गर्मी रही थी लेकिन दूसरे पखवाड़े में मौसम पलटा और लगातार चार दिनों तक 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई थी। जबकि, 17 जिलों में ओले गिरे थे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुई थी।

मार्च के अंतिम सप्ताह में भी मौसम स्थिर नहीं रहा था। 26-27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश दर्ज की गई थी। सतना के चित्रकूट में खराब मौसम के कारण एक कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ था। इसके बाद 29-30 मार्च को एक बार फिर प्रदेश के आधे हिस्से में बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि देखने को मिली थी।