टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को कंपनी के बोर्ड ने पांच साल का नया कार्यकाल देने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद चंद्रशेखरन फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद भी चेयरमैन बने रहेंगे और उनका नया कार्यकाल 2032 तक चलेगा। इसी बैठक में टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला भी किया गया है।
हालांकि, चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति अभी पूरी तरह अंतिम नहीं हुई है। प्रस्ताव को टाटा संस की सालाना आम बैठक में मंजूरी मिलना बाकी है। कंपनी में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ट्रस्ट के बोर्ड सदस्य नोएल टाटा ने इस फैसले का विरोध किया है। जबकि, वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन के दोबारा चेयरमैन बनने का समर्थन किया है।
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चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना था। इससे पहले 12 अगस्त 2026 को उन्होंने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने बताया था कि उनके अगले पांच साल के कार्यकाल के विस्तार का प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा गया था लेकिन एक सदस्य के समर्थन नहीं करने के कारण इस पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी।
चंद्रशेखरन ने अपने 12 अगस्त के संदेश में कहा था कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से उनके कार्यकाल को अगले पांच साल के लिए बढ़ाने की सिफारिश की थी। यह प्रस्ताव टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेम्युनरेशन कमेटी और बोर्ड के समक्ष भी रखा गया था। उनके मुताबिक, 24 फरवरी 2026 को बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी लेकिन एक सदस्य के समर्थन के अभाव में इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
उन्होंने कहा था कि इस स्थिति में उन्होंने फैसले को टालना चुना था। जबकि, छह महीने बीतने के बाद भी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि टाटा संस के सामने कई बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट अहम चरण में हैं। ऐसे में फरवरी 2027 के बाद नेतृत्व को लेकर स्पष्टता कर्मचारियों, निवेशकों, साझेदारों और दूसरे हितधारकों के लिए जरूरी है।
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चंद्रशेखरन फिलहाल 63 वर्ष के हैं और 2032 में नए कार्यकाल के अंत तक उनकी उम्र 70 वर्ष हो जाएगी। टाटा समूह की सामान्य नीति के तहत एग्जीक्यूटिव के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष मानी जाती है। जबकि, नॉन एग्जीक्यूटिव पदों पर 70 वर्ष तक बने रहने का प्रावधान है। इस फैसले के साथ चंद्रशेखरन समूह में ऐसे पहले ग्रुप एग्जीक्यूटिव होंगे जिनका कार्यकाल सामान्य 65 वर्ष की सीमा के बाद भी जारी रहेगा। टाटा संस के बोर्ड में चंद्रशेखरन अक्टूबर 2016 में शामिल हुए थे। जनवरी 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। वहीं, उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 1987 में TCS में इंटर्न के रूप में की थी।
चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने एविएशन के साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी और डिजिटल कारोबार जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2020 में समूह का रेवेन्यू 7.89 लाख करोड़ रुपए था जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसी अवधि में समूह का मुनाफा करीब 32,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपए भी पहुंचा था। टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी 2020 के 9.31 लाख करोड़ से बढ़कर 2026 में 24.39 लाख करोड़ रुपए हो गया।
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