भोपाल। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के खिलाफ भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई NRAI की भोपाल स्थित शूटिंग रेंज पर शूटरों को कारतूस बेचने के दौरान नियमों के गंभीर उल्लंघन को लेकर की गई है। आरोप है कि बड़ी मात्रा में कारतूसों की बिक्री की गई लेकिन न तो उनका अनिवार्य रिकॉर्ड है और न ही संबंधित गन लाइसेंसों में कारतूसों की एंट्री कराई गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कारतूसों की बिक्री के समय आर्म्स एक्ट और उससे जुड़े नियमों की खुली अनदेखी हुई है। नियमों के अनुसार, प्रत्येक कारतूस की बिक्री का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज करना और लाइसेंसधारी के लाइसेंस में उसकी विधिवत एंट्री करना जरूरी होता है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, भोपाल स्थित शूटिंग रेंज ने इस निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कई शूटरों के लाइसेंस में कारतूसों की कोई एंट्री मौजूद नहीं है जबकि उन्हें कारतूस बेचे गए थे। इसी आधार पर पुलिस ने कुछ शूटरों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। रिकॉर्ड के अभाव में बेचे गए कारतूसों को लेकर जांच एजेंसियों ने आशंका जताई है कि वे गलत हाथों में भी पहुंच सकते हैं जिससे कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने NRAI के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया कि जांच में सभी पहलुओं को बारीकी से परखा जा रहा है। यदि जांच के दौरान और भी अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि आर्म्स एक्ट के प्रावधानों का पालन करना सभी संस्थाओं और शस्त्र लाइसेंसधारकों के लिए अनिवार्य है। नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।