मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा-बैतूल नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। जबकि, 20 से अधिक लोग घायल हो गए। टेमनी खुर्द के पास हुए इस हादसे में मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन की यूरिया लदे ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार कई मजदूर सड़क किनारे दूर जा गिरे। मृतकों में चार महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ था। पिकअप में सवार मजदूर सब्जियां तोड़ने के लिए कन्हरगांव जा रहे थे। सभी मजदूर मुख्य रूप से मछैरा गांव के निवासी थे। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, मजदूरों को लेकर जा रही पिकअप सड़क किनारे खड़ी थी। उसी वक्त पीछे से आ रहे यूरिया से भरे ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तत्काल राहत कार्य में जुट गए।

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंची। घायलों को 108 एम्बुलेंस सेवा और स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब तक 20 से अधिक घायलों को भर्ती किया गया है। इनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल मरीज को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नागपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में लगी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, कई मरीजों को आईसीयू और सर्जिकल आईसीयू में भर्ती किया गया है। कुछ घायलों का ऑपरेशन भी किया जा रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि कम से कम पांच लोगों के हाथ, पैर या शरीर की अन्य हड्डियां टूट गई हैं। जबकि, अधिकांश घायलों के सिर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

हादसे के बाद अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) धीरेंद्र सिंह समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और उपचार व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज के लिए अतिरिक्त चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों में मछैरा निवासी बब्बू राजबैठे (35), सावित्री बनके (31), शिवकली (45) और लीलावती सीलू (45) के अलावा संतोष सबनेरे (45) शामिल हैं। एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक बब्बू राजबैठे की मां अस्पताल में अपने बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई थी। उन्होंने बताया कि बब्बू का दो साल का बेटा हर दिन अपने पिता के घर लौटने का इंतजार करता था और उनसे लिपट जाता था। बेटे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब बच्चे के भविष्य को लेकर चिंता गहरा गई है।

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घायलों में पायल, हसीना, माया, आयुषी, पूजा, सकलवती, मैना, अनिता, कंचन, रोशनी और सुकरवती समेत कई अन्य मजदूर शामिल हैं। सभी का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण खोने को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।