भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपने नियमों में अहम बदलाव किए हैं। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी नए प्रावधानों के तहत बिना टिकट या नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ अब पहले से अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। साल 2013 के बाद पहली बार जुर्माने की राशि में संशोधन किया गया है।

नए नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री बिना टिकट या गलत टिकट के साथ यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे यात्रा किराए के अलावा कम से कम 500 रुपये का जुर्माना देना होगा। इससे पहले यह न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये था। रेलवे का मानना है कि इससे बिना टिकट यात्रा करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।

टिकट के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी रेलवे ने कड़े प्रावधान लागू किए हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे यात्री के नाम पर बुक किए गए टिकट पर सफर करता पाया जाता है तो उसका टिकट तत्काल निरस्त किया जा सकता है। इसके साथ ही संबंधित यात्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला कोच से जुड़े नियम भी सख्त किए गए हैं। अब यदि कोई पुरुष यात्री बिना अनुमति महिला कोच में प्रवेश करता है तो उस पर 2500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में साफ सफाई बनाए रखने तथा अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए भी नए प्रावधान लागू किए गए हैं। स्टेशन या ट्रेन में गंदगी फैलाने, नशे की हालत में हंगामा करने या अशोभनीय व्यवहार करने वाले लोगों पर 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।

इसके अलावा ट्रेनों और स्टेशन परिसर में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने जैसी गतिविधियों पर भी रेलवे ने सख्ती बढ़ा दी है। ऐसे मामलों में भी अधिकतम 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति निर्धारित जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए तीन महीने से लेकर एक साल तक की जेल की सजा भी हो सकती है। रेलवे का कहना है कि इन संशोधित नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, अनुशासन बनाए रखना और यात्रा व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।