सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा और शाहगढ़ तहसील में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया है। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान आयोग के अध्यक्ष होंगे। आयोग को अपनी जांच पूरी कर तीन महीने के अंदर राज्य शासन को रिपोर्ट सौंपनी होगी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक सदस्यीय जांच आयोग पर सवाल खड़े किए हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि न्यायिक जांच के लिए जिस रिटायर्ड जज चौहान को नियुक्त किया गया है ये वही जज हैं जिन्होंने व्यापंम कांड की जांच की और व्यापंम के अपराधियों को बचाया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुझे उन पर भरोसा नहीं है। उन्होंने शासन और सरकार से रिटायर्ड जज को हटाने की मांग की है। इस दौरान उन्होंने सागर गोल्ड बनाने वाले और शराब ठेकेदारों पर उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि शराब बनाने वालों और ठेकेदार जंडेल सिंह गुर्जर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई कर मुख्य आरोपियों और डिस्टलरीज को बचाने में जुटी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिवारों को अभी तक पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिली है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितना मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को असंवेदनशील बताते हुए प्रभावित परिवारों को नौकरी देने की मांग की।
दिग्विजय सिंह ने शराब कांड में मृतकों के 4 परिवारों को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी मेरी है। हर महीने 10 हजार रुपए परिवारों को दूंगा। उन्होंने कांग्रेस के सभी नेताओं से 1-1 पीड़ित परिवारों को गोद लेने की अपील की है।