कानपुर और इंदौर के चिड़ियाघरों के बीच वन्यजीवों के आदान-प्रदान (एनिमल एक्सचेंज) की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस योजना के तहत कानपुर चिड़ियाघर का दरियाई घोड़ा (हिप्पोपोटेमस) सतीश इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय लाया जाएगा। जबकि, इंदौर की शेरनी वीरा को कानपुर भेजा जाएगा। हिप्पो के लंबे और संवेदनशील सफर को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। करीब 709 किलोमीटर की यात्रा के दौरान उसके शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए लगभग 20 हजार लीटर पानी का उपयोग किया जाएगा।
हिप्पोपोटेमस एक उभयचर जीव है जो जमीन और पानी दोनों जगह रह सकता है लेकिन उसका अधिकांश समय पानी में ही बीतता है। यही वजह है कि उसे लंबे समय तक सूखे वातावरण में रखना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पूरे रास्ते उसके ऊपर लगातार पानी की बौछार की जाएगी। ताकि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे और उसे किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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हिप्पो को लाने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए ट्रक का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रक पर दो बड़े वॉटर टैंक लगाए जाएंगे। जिनसे यात्रा के दौरान लगातार पानी का छिड़काव किया जाएगा। रास्ते में यदि पानी खत्म होता है तो टैंकों को दोबारा भरने की व्यवस्था भी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के मौसम में यह स्थानांतरण करना अधिक सुरक्षित रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान वातावरण अपेक्षाकृत ठंडा रहता है और हिप्पो को कम तनाव होता है।
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में भी हिप्पो सतीश के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। उसके लिए करीब 8×5 फीट का विशेष पिंजरा तैयार किया जा रहा है। इसमें उसे सुरक्षित और आरामदायक तरीके से रखा जा सके। चिड़ियाघर प्रबंधन नए मेहमान के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है।
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इंदौर का कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय शहर के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। नगर निगम द्वारा साल 1974 में स्थापित इस चिड़ियाघर का नाम भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पत्नी कमला नेहरू के नाम पर रखा गया था। लगभग 51 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्राणी संग्रहालय का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को प्रकृति एवं जीव-जंतुओं के बारे में शिक्षित करना है। यहां शेर, बाघ, तेंदुआ, मगरमच्छ, लकड़बग्घा सहित कई भारतीय और विदेशी प्रजातियों के पशु-पक्षी मौजूद हैं।