मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय होने के साथ ही तेज बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को अलग-अलग जिलों में बिजली गिरने और उफनाई नदी में बहने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि, कई अन्य घायल हो गए। हरदा और खरगोन में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की जान चली गई। वहीं, बैतूल के चिचोली क्षेत्र में उफनाई चंपा नदी पार करते समय बाइक सवार दो युवक बह गए। इनके शव मंगलवार सुबह बरामद किए गए। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश के 50 जिलों में बारिश और कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

सबसे दुखद घटनाएं हरदा और खरगोन से सामने आई हैं। हरदा जिले में खेत पर काम कर रहे 32 वर्षीय किसान प्रदीप राठौर की बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं, खरगोन जिले में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 30 वर्षीय राधेश्याम और 30 वर्षीय गृहिणी केनू की जान चली गई। बैतूल जिले के चुना गोसाई गांव में भी बिजली गिरने से सुखदेव यादव, उनकी पत्नी गीताबाई, बेटी संध्या और बेटा नैतिक गंभीर रूप से झुलस गए। फिलहाल उनका इलाज जारी है।

बैतूल के चिचोली क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण चंपा नदी उफान पर आ गई है। सिप्लाई गांव के राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक से रपटे को पार करने की कोशिश कर रहे थे। उसी वक्त आए तेज बहाव में दोनों बह गए। मंगलवार सुबह रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में दोनों के शव मिले। प्रशासन ने लोगों से उफनते नालों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है।

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बारिश ने प्रदेश के कई शहरों में जनजीवन भी प्रभावित किया है। बालाघाट में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। जबकि, सतना और मैहर में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। देवास में तेज बहाव के दौरान स्कूटी सवार दो युवतियां नाले में गिर गई। हालांकि, स्थानीय लोगों ने समय रहते दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सीहोर जिले के इछावर में घरों और दुकानों में पानी भर जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

इसी बीच विरोध जताने के लिए कांग्रेस पार्षद जुनेद खान ट्यूब पर बैठकर जलभराव वाले इलाके में उतरे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। डिंडोरी नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-8 में नालियां जाम होने से घुटनों तक पानी भर गया। जिसकी वजह से घरों और दुकानों में पानी घुस गया। मैहर जिले के अमरपाटन में भी बिजली कार्यालय के पास स्थित गीता साकेत के कच्चे मकान में घुटनों तक पानी भरने की स्थिति बन गई।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कुल 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बारिश हो सकती है।

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मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला तथा डिंडौरी सहित 15 जिलों तक इसकी आधिकारिक एंट्री हो चुकी है। हालांकि, इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई और वह आगे नहीं बढ़ पाया। इसके कारण प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग में उमस और गर्मी का असर बढ़ गया है।

प्रदेश में पिछले छह दिनों से लगातार कहीं न कहीं बारिश हो रही है। जिसकी वजह से वर्षा के आंकड़ों में सुधार जरूर हुआ है लेकिन कुल बारिश अब भी सामान्य से काफी कम बनी हुई है। एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 124.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। जबकि, केवल 75.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी अब तक सामान्य से लगभग 39 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 68 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। जबकि, पश्चिमी हिस्से में यह कमी 11 प्रतिशत है। अलीराजपुर सबसे कम बारिश वाला जिला बना हुआ है। वहां अब तक केवल करीब 2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

बारिश के वितरण में भी बड़ा अंतर देखने को मिला है। अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा जैसे जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। दूसरी ओर भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इनमें भोपाल में अब तक छह इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

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