दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार भाजपा को हराया। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह 66 हजार 757 और बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 60 हजार 741 वोट मिले। घनश्याम ने आशुतोष को 6016 वोटों से शिकस्त दी। इस जीत से लबरेज प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने के जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत की जीत बताया है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कार्यकर्ताओं के नाम वीडियो संदेश जारी कर कहा, 'दतिया के सभी मतदाताओं को मेरी बहुत-बहुत बधाई, शुभकामनाएं और धन्यवाद। दतिया के मतदाता भाईयों और बहनों ने जिस प्रकार से 2023 में हमें जिताया था उसी हिम्मत के साथ उपचुनाव में हमें विजय दिलाई है। आप सबके के प्रति हम आभार वयक्त करते हैं। मैं कांग्रेस के उन सभी जांबाज कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं, जिन्होंने सब दुख दर्द सह कर भी कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ा, ये अपने आप में ही उनकी बहादुरी और उनकी कर्मठता इससे प्रमाणित होती है।'

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि मैं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी को, उनके सभी अधिकारियों को, प्रदेश अध्यक्ष, नेता विपक्ष समेत सभी कांग्रेस के नेताओं के प्रति आभार वयक्त करता हूं, जिन्होंने परिश्रम कर के यह सीट उपचुनाव में हमें जिताई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक वादा आप सब से करता हूं कि हम कांग्रेस के हर कार्यकर्ताओं के दिक्कत और दुख में साथ खड़े रहेंगे और विकास के लिए जो हम कर पाएंगे वो करेंगे।

सिंह ने अंत में कहा कि मैं एक बार फिर से जनता के प्रति आभार वयक्त करते हुए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को बधाई दूंगा और साथ में घनश्याम सिंह जी को भी जो आज चुन कर आए हैं, उनको बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। मुझे विश्वास है कि वे जनता के कसौटी पर फिर से खरे उतरकर जनता की सेवा करेंगे।

बता दें कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में जश्न का माहौल है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस जीत का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की रणनीतिक नेतृत्व क्षमता, संगठनात्मक समन्वय और दतिया की जनता के कांग्रेस पर जताए गए विश्वास को दिया है। 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूरे चुनाव अभियान के दौरान दिग्विजय सिंह ने संगठन को एकजुट रखने, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू कराने में अहम भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में पार्टी ने बूथ स्तर तक मजबूत रणनीति बनाई, जिसका परिणाम कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह की ऐतिहासिक जीत के रूप में सामने आया।