राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों को लेकर विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दोनों पार्टी समर्थकों के साथ जंतर मंतर पहुंचे थे जहां नारेबाजी के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है।
सरकार के इस फैसले के बाद दिल्ली में अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी की सिफारिश पर इन स्थानों को चुना गया है। जानकारी के मुताबिक, इस साल रामलीला मैदान में प्रदर्शन के लिए 29 से 31 दिसंबर तक ही जगह खाली है।
जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने से पहले CJP नेताओं ने पुलिस से वहां आंदोलन करने की अनुमति मांगी थी। सोमवार को पार्टी के नेता संसद मार्ग थाने पहुंचे और प्रदर्शन के लिए तारीख व समय निर्धारित करने की मांग रखी। उन्होंने पुलिस से 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा था।
सौरव दास ने इस दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन को नागरिकों का अधिकार बताया था। उनका कहना था कि पुलिस को ऐसे प्रदर्शनों में अनावश्यक बाधा नहीं डालनी चाहिए। आशुतोष रांका ने भी कहा था कि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर पार्टी अपने अगले आंदोलन की तारीख घोषित करेगी।
हालांकि, इसके कुछ समय बाद ही जंतर मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया था। इसके अगले दिन मंगलवार को दोनों प्रवक्ता पार्टी समर्थकों के साथ जंतर मंतर पहुंचे जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
सौरव दास और आशुतोष रांका इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। 10 अक्टूबर को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ दोनों को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही हिरासत में लिया गया था। इस कार्रवाई के बाद तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया।
अदालत में पेशी के बाद तीनों को 50-50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया था। रिहाई के साथ उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने और ऐसा कोई कदम नहीं उठाने की शर्त दी गई थी जिससे शांति भंग होने की आशंका हो।