नई दिल्ली। चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार हमलावर है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे पर उज्जैन से अयोध्या तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे हैं। इस बीच कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपियों पर तीसरी बार भी आरोप तय नहीं होने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि राम मंदिर की पूरी CCTV फुटेज और ऑडियो सामने आने से किसकी पोल खुलेगी और बड़े लोगों की भूमिका की जांच कब होगी।
जयराम रमेश ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि चंदा चोरी, आस्था के साथ धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार असली बड़े चोरों को बचाना चाहती है। जयराम रमेश के मुताबिक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपियों पर तीसरी बार भी आरोप तय नहीं हो सके। आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई, लेकिन वीडियो फुटेज और ऑडियो उपलब्ध कराने की मांग अब भी लंबित है।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि राम मंदिर की पूरी वीडियो फुटेज और ऑडियो सामने आने से किसकी पोल खुलेगी? उन्होंने कहा कि लोगों के मन में संदेह है कि पूरी रिकॉर्डिंग से चढ़ावे की चोरी और बड़े लोगों की मिलीभगत से जुड़े अहम राज सामने आ सकते हैं। देश जानना चाहता है कि इन रिकॉर्डिंग्स में क्या दर्ज है और इन्हें उपलब्ध कराने में देरी क्यों हो रही है।
जयराम रमेश ने दावा किया कि CCTV फुटेज में चढ़ावे की रकम हटाने की 105 घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में ही ऑडिट के जरिए चेतावनियां दी गई थीं, 4 जून को चोरी का वीडियो सामने आया और 25 जून को FIR दर्ज हुई। इसके बावजूद पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय नहीं हुई है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसा क्यों है।
कांग्रेस महासचिव ने RSS, VHP और भाजपा से जुड़े लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी के बजाय गवाह क्यों हैं? बड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कब होगी? क्या चोरी की जिम्मेदारी केवल आठ कर्मचारियों तक सीमित कर दी जाएगी?
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने ऑडिट की चेतावनियों, CCTV फुटेज, वित्तीय लेन-देन और ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि श्रीराम के नाम पर आए चढ़ावे का पूरा हिसाब देश के सामने रखा जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि श्रीराम मंदिर का श्रेय लेने में सबसे आगे रहने वाले प्रधानमंत्री अब चढ़ावे की चोरी के मामले में जवाबदेही से पीछे क्यों हट रहे हैं? उन्होंने कहा कि श्रीराम के नाम पर चंदा आया है, इसलिए उसका हिसाब भी देना होगा और जवाबदेही भी तय करनी होगी।