यूक्रेन के मध्य हिस्से में स्थित निप्रो शहर में गुरुवार सुबह रूसी ड्रोन हमले में 13 लोगों की मौत हो गई। जबकि, 10 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, हमले में यात्रियों को ले जाने वाली एक इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया गया था। घटना के समय स्टेशन पर ट्रेन खड़ी थी और प्लेटफॉर्म पर कई यात्री मौजूद थे। हमले के बाद मेडिकल टीमें मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए मदद पहुंचाई गई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले की निंदा करते हुए रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
निप्रो के मेयर बोरिस फिलातोव ने सोशल मीडिया के जरिए हमले की जानकारी दी। उनके मुताबिक, रूसी ड्रोन ने यात्रियों को ले जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया था। यूक्रेन रेलवे ने भी बताया कि हमले के समय स्टेशन पर ट्रेन खड़ी थी और प्लेटफॉर्म पर यात्री मौजूद थे। हमले के बाद स्टेशन पर अफरा तफरी का माहौल बन गया था। घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीमें घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, अधिकारियों की ओर से मृतकों और घायलों की पहचान या उनकी स्थिति को लेकर अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की गई है।
यह भी पढ़ें:भोपाल के बोर्डऑफिस चौराहे पर शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम, नियुक्ति की मांग को लेकर सड़क पर उतरे
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने निप्रो में हुए हमले को भयावह बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस पर दबाव बढ़ाने और कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की ताकि इस तरह के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन का रेलवे नेटवर्क लगातार रूसी हमलों का सामना कर रहा है। रेलवे देश में नागरिकों की आवाजाही के साथ साथ जरूरी सामान की आपूर्ति और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
जर्मन मीडिया डॉयचे वेले (DW) की 19 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल के शुरुआती आठ महीनों में यूक्रेन के रेलवे नेटवर्क पर 1,600 से अधिक हमले दर्ज किए गए। इन हमलों में ट्रेनों, इंजनों और रेलवे से जुड़े अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी हमलों का दायरा केवल यात्री ट्रेनों तक सीमित नहीं रहा। रेलवे इंजन, मालगाड़ियां, मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और पुल भी हमलों की चपेट में आए हैं।
यह भी पढ़ें:AIIMS भोपाल में मेडिकल सप्लाई में भ्रष्टाचार, 943 में खरीदी गई 14 रुपये की ट्यूब
युद्ध के दौरान यूक्रेन में रेलवे आम नागरिकों के लिए परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन बना हुआ है। इसके जरिए लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के साथ साथ आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई भी की जाती है। ऐसे में रेलवे के बुनियादी ढांचे पर हमलों से यात्रियों की सुरक्षा के अलावा माल परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।