नई दिल्ली। देश के तीन राज्यों असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। इन तीनों क्षेत्रों की कुल 296 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है। इसके साथ ही उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर वोटिंग है। असम की 126 सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में हैं और यहां बहुमत का आंकड़ा 64 है। 4 मई को मतगणना होगी और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।

गुरुवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच सभी पोलिंग स्टेशन पर अधिकारियों ने मॉक पोलिंग की, जिससे पता चल सके कि ईवीएम में कोई खराबी तो नहीं है। केरलम में 70 साल में पहली बार कोई सीएम हैट्रिक के लिए चुनाव लड़ रहा है। असम में बीजेपी हिमंता बिस्व सरमा के सहारे लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दांव खेल रही है। जबकि पुडुचेरी में कांग्रेस से निकले एन. रंगासामी पांचवी बार सत्ता में काबिज होने की कोशिश कर रहे हैं।

असम में 126 सीट पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुनेंगे। पुडुचेरी में 20 पार्टियां के 294 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से ज्यादा वोटर्स पहली बार मतदान करेंगे।

असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के इरादे से मैदान में हैं। 2.5 करोड़ से अधिक मतदाताओं वाले इस राज्य में कांग्रेस अपने प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई के नेतृत्व में छह दलों के गठबंधन के साथ वापसी की कोशिश कर रही है। इसमें अखिल गोगोई का रायजोर दल और असम जातीय परिषद जैसे क्षेत्रीय दल शामिल हैं। असम में इस बार 6.42 लाख युवा मतदाता अहम भूमिका निभा सकते हैं।

केरल में मुकाबला भी बेहद दिलचस्प है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) इतिहास दोहराने की कोशिश में है। 2021 में एलडीएफ ने चार दशकों से चले आ रहे उस ट्रेंड को तोड़ा था, जिसमें सत्ता हर पांच साल में बदल जाती थी। साल 2021 में 40 साल में पहली बार हुआ था, जब कोई मौजूदा सरकार लगातार दो बार सत्ता में लौटी। अब विजयन के सामने भारत के इस आखिरी 'लाल गढ़' को बचाने की चुनौती है। विपक्ष में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ है, जो एंटी-इंकंबेंसी और युवाओं के भरोसे सत्ता में वापसी की राह देख रहा है। केरल की एक खास बात यह है कि यहां महिला मतदाताओं की संख्या (1.39 करोड़) पुरुषों (1.32 करोड़) से ज्यादा है, जो चुनाव के नतीजों को किसी भी तरफ मोड़ सकती हैं।

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मुकाबला है। यहां एनडीए की कमान मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी के हाथों में है। 76 वर्षीय रंगास्वामी अपने पांचवें कार्यकाल की तलाश में हैं। प्रशासनिक पकड़ और जनता के बीच सादगी के लिए जाने जाने वाले रंगास्वामी का मुकाबला कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन से है। यहां करीब 9.44 लाख मतदाता वोट डालेंगे। उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 4 मई को होगा। इसी दिन पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी नतीजे भी घोषित किए जाएंगे।