नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र जारी है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक से जुड़ा लोक परीक्षा संशोधन बिल सोमवार को लोकसभा में पेश किया। इस दौरान ध्वनि मत से बिल पेश करने के लिए वोटिंग कराई गई। इस बीच विपक्षी सांसदों ने ‘मोदी-शाह छात्रों से माफी मांगें’ के नारे लगाए।

संसद में लगातार हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के कारण करीब 5 मिनट के भीतर ही दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी।

दरअसल, विपक्ष छात्रों से मारपीट के मुद्दे पर की चर्चा पर अड़ा है, जबकि सरकार इसपर बात करने से बच रही है। इसे लेकर संसद में जमकर हंगामा हुआ और इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही फिर से स्थगित हो गई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, 'यह हद है। अभी भी बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही हैं।'

प्रियंका गांधी ने आगे कहा, 'मैंने सुना है कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने वाली लड़कियों के माता-पिता को फोन करके पूछा गया कि उन्होंने अपनी बेटियों को प्रदर्शनों में शामिल होने की इजाज़त क्यों दी। यह कैसी बकवास है? क्या लड़कियां विरोध नहीं कर सकतीं? और विरोध स्थल पर AK-47 और ऐसे हथियारों की क्या ज़रूरत थी? इन लोगों को क्या हो गया है? छात्र आतंकवादी नहीं हैं।'

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि सरकार अभी हमें कुछ भी बताने की स्थिति में है। मुझे लगता है कि हमने जो देखा है, वह सिर्फ़ पहला कदम है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, जो वैसे भी देर से हुआ। सबसे ज़रूरी बात है गृह मंत्रालय की जवाबदेही। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में हम यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और हमारे बच्चों को सड़कों पर घसीटा जाए, उन पर पैलेट गन और इलेक्ट्रिक हथियारों का इस्तेमाल हो और कोई जवाबदेही न हो।'