नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने संसद में मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी का मुद्दा उठाते हुए सरकार को निशाने पर लिया है। सिंह ने कहा कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के चुनावी क्षेत्र सीहोर और होशंगाबाद में मूंग का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, फिर भी इसे किसी क्लस्टर में शामिल नहीं किया गया।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने बयान दिया कि मूंग में केमिकल पेस्टिसाइड का अधिक उपयोग होता है, जिससे यह खाने के लिए हानिकारक हो सकती है। इसी तर्क के आधार पर खरीदी में देरी की गई।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब तक सरकारी खरीदी शुरू हुई, तब तक अधिकांश किसान अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेच चुके थे। ऐसे में खरीदी का लाभ किसानों की बजाय व्यापारियों को मिल गया।

राज्यसभा सांसद ने पूछा कि सीहोर और हरदा जैसे मूंग उत्पादक जिलों को क्लस्टर में क्यों नहीं रखा गया? कुल कितनी मूंग की सरकारी खरीदी की गई? उन्होंने पूछा कि डबल-ट्रिपल इंजन सरकार होने के बावजूद किसानों को समय पर समर्थन मूल्य क्यों नहीं मिला? सिंह ने कहा कि यदि समय पर खरीदी होती तो किसानों को उचित मूल्य मिलता और बिचौलियों को फायदा नहीं होता।