ग्वालियर में ठगों ने कलेक्टर बनकर किया स्कैम, फर्नीचर बेचने के नाम पर पार्षद के पति से ऐंठे 75 हजार

ग्वालियर में शातिर ठग ने गुना कलेक्टर बनकर पार्षद पति से 75 हजार रुपये ठग लिए। फेसबुक और व्हाट्सएप पर फर्नीचर बेचने का झांसा देकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।

Updated: Feb 24, 2026, 02:08 PM IST

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वहां एक ठग ने खुद को गुना कलेक्टर बताकर वार्ड-31 की पार्षद अंजना शिवहरे के पति से 75 हजार रुपये ठग लिए। आरोपी ने फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर सरकारी अधिकारी होने का भरोसा दिलाया और पुराने फर्नीचर की बिक्री का झांसा देकर रकम ट्रांसफर करवा ली। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, शहर के तानसेन नगर निवासी और वार्ड-31 की पार्षद अंजना शिवहरे के पति हरिबाबू शिवहरे को रविवार शाम एक फेसबुक मैसेज मिला था। मैसेज भेजने वाले ने खुद को गुना कलेक्टर किशोर कान्याल बताया था। प्रोफाइल पर कलेक्टर की फोटो लगी होने से हरिबाबू को संदेह नहीं हुआ। इसके बाद बातचीत व्हाट्सएप पर शिफ्ट कर हो गई।

मैसेज करने वाले ने कहा कि उसके एक परिचित सीआरपीएफ कमांडेंट का ट्रांसफर कश्मीर हो गया है और वह अपना पुराना फर्नीचर, टीवी और अन्य घरेलू सामान बेचना चाहता है। कुछ ही देर में एक अन्य मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीआरपीएफ का कमांडेंट बताते हुए सामान बेचने की बात दोहराई और विश्वास में लेकर 75 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। हरिबाबू ने यह रकम अपनी बेटी के खाते से भेजी थी।

अगले दिन सोमवार सुबह ठग ने दोबारा फोन कर कहा कि सामान लेकर आ रही गाड़ी रास्ते में रोक ली गई है और उसे छुड़ाने के लिए 31 हजार रुपये और देने होंगे। इस बार हरिबाबू को शक हुआ। उन्होंने सीधे कलेक्टर से संपर्क किया। कलेक्टर ने ऐसे किसी मैसेज या सौदे से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद हरिबाबू ने एसएसपी धर्मवीर सिंह से इसकी शिकायत की।

एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत दर्ज कर ली गई है और क्राइम ब्रांच जांच में जुटी है। जिस व्हाट्सएप आईडी से मैसेज किया गया उसमें कलेक्टर की फोटो का दुरुपयोग किया गया था। पुलिस साइबर तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।