नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक समेत तीन अहम बिल लोकसभा में पारित नहीं हो सके और सियासी टकराव अपने चरम पर पहुंच गया है। हालांकि प्रधानमंत्री के संबोधन के विषय को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि वह महिला आरक्षण बिल और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी बात रख सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संसद भवन में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में महिला आरक्षण बिल के गिरने पर गहरी निराशा जताई। उन्होंने विपक्ष को कोसते हुए कहा था कि विपक्षी दलों को इस फैसले पर जिंदगी भर पछताना पड़ेगा और उन्हें इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी होगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष अपनी इस स्थिति को छिपाने के लिए बहाने ढूंढ रहा।
बता दें कि लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। 12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इसी के साथ अब लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा।
उधर विपक्ष का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण विधेयक का इस्तेमाल कर लोकसभा में सीटें बढ़ाना चाहती थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि इन्हें किसी भी तरह से सत्ता में रहना था इसके लिए इन्होंने साजिश रची थी। इसके लिए इन्होंने महिला का इस्तेमाल किया। प्रियंका गांधी ने कहा कि ये महिला के मसीहा बनना चाहते हैं, लेकिन इनता आसान नहीं है। प्रियंका गांधी ने कहा कि जब हाथरस, उन्नाव, मणिपुर जैसी घटना हुई तो महिला को क्यों नहीं पूछा। ये महिला की बात नहीं परिसीमनत की बात थी इसलिए इन्होेंने बार बार महिला का नाम लिया। मैं खुश हूं कि विपक्ष एकजुट हुआ। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की महिलाएं बेवकूफ नहीं हैं जो आप उनके नाम पर कुछ भी कहें कुछ भी करते रहें।