नई दिल्ली। दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर में बुधवार सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब हौज रानी स्थित एक होटल-रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में धुएं ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनी की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हालात इतने डरावने थे कि कई लोगों ने नीचे कूदकर अपनी जान बचाई।

दिल्ली फायर सर्विस को सुबह करीब 9:105 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद तुरंत कई फायर टेंडर, वाटर बाउजर और क्विक रिस्पॉन्स वाहन मौके पर भेजे गए। अधिकारियों के मुताबिक आग मालवीय नगर के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी थी, जो देखते ही देखते ऊपरी हिस्सों तक फैल गई। दमकल कर्मियों ने बेसमेंट समेत कई हिस्सों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत CATS एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है।

इस हादसे में अब तक 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। मरने वालों में अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। जबकि 37 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से कईयों की हालत नाजुक है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ते कि आशंका है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस बिल्डिंग में आग लगी वह 6 मंजिल की है। सुबह 8.51 बजे बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में आग भड़की थी। जब वहां का कांच फोड़ा गया तो बेसमेंट की तरफ आग फैल गई। 

पीएम मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, 'मालवीय नगर में हुए अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि बेहद दुखद है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।' पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया। वहीं, दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें आग लगने के कारणों की जाँच में जुट गई हैं।

बहरहाल, इस हादसे के बाद एक बार फिर दिल्ली में चल रहे होटल और रेस्टोरेंट्स की फायर सेफ्टी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई इमारतों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। संकरी गलियां और सीमित एग्जिट पॉइंट ऐसे हादसों को और खतरनाक बना देते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को नियमित जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।