नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) को लेकर चल रहे विवाद के बीच बड़ी कार्रवाई की गई है। केंद्र सरकार ने CBSE के चेयरमैन और सेक्रेटरी को हटा दिया है। OSM में टेंडर की प्रक्रिया में बदलाव की वजह से CBSE की लगातार किरकिरी हो रही थी। इसके बाद यह फैसला लिया गया है।
दरअसल, यह पूरा मामला सीबीएसई द्वारा आंसर शीट की चेकिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सेवाओं की खरीद से जुड़ा है। 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
ओएसएम का ट्रेंडर हैदराबाद स्थित कंपनी कोएंप्ट को दिया गया था। जिसे लेकर शूरू से इस डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की खरीद प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों और पारदर्शिता की कमी को लेकर आरोप लग रहे थे। जब यह विवाद लगातार बढ़ता गया और सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक इस पर सवाल उठने लगे तो मंगलवार को CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता दोनों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है।
सरकार ने न सिर्फ दोनों शीर्ष अधिकारियों का तबादला किया है, बल्कि इस पूरे खरीद मामले की तह तक जाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का भी गठन कर दिया है। यह एकसदस्यीय कमेटी जांच करेगी कि ओएसएम सेवाओं के टेंडर और अलॉटमेंट में कहां और क्या खामियां थीं। इस समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान करेंगी। समिति की अध्यक्ष को आवश्यकतानुसार, अन्य कार्यालयों के अधिकारियों से सहायता प्राप्त करने का अधिकार होगा।
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से प्रभावित 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत मंगलवार को संसद की स्थायी समिति के सामने भी पेश हुए। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह इस कमेटी के अध्यक्ष है। सार्थक सिद्धांत ने संसद भवन एनेक्सी में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में OSM प्रणाली के लागू होने और इसके टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात रखी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सार्थक सिद्धांत ने कहा कि मेरे ब्लॉग के अनुसार कम से कम 15 खामियां हैं। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से कोएम्प्ट (COEMPT) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है। उधर, इंडियन यूथ कांग्रेस ने परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर अपने देशव्यापी आंदोलन को तेज करने की योजना की घोषणा की है। कांग्रेस का यूथ विंग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की अपनी मांग कर रही है। विरोध प्रदर्शनों में मशाल जुलूस, छात्र संपर्क कार्यक्रम, प्रदर्शन और घेराव शामिल होंगे।