बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीतिक रार जल्द खत्म होने वाली है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने गुरुवार को ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई थी, जिसमें डीके शिवकुमार समेत तमाम मंत्री शामिल हुए। पहले सभी ने साथ में बैठकर नाश्ता किया, जिसमें इडली, चटनी, वड़ा और केसरी भात समेत तमाम व्यंजन शामिल थे। सभी ने एक साथ नाश्ता किया। उसके बाद उन्होंने पड़ छोड़ने संबंधी जानकारी मंत्रियों को दी।

डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी मीटिंग में पहुंचे। शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, इसके बाद सीएम ने उन्हें गले लगा लिया। कर्नाटक सरकार में मंत्री एचके पाटिल ने बताया कि मीटिंग में डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगी। वह अगले मुख्यमंत्री होंगे।

सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय मांगा था। हालांकि, राज्यपाल पारिवारिक कारणों के चलते बेंगलुरु से बाहर हैं। ऐसे में सिद्धारमैया राज्यपाल दफ्तर को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। नियमानुसार राज्यपाल राज्य में मौजूद न हों तब भी मुख्यमंत्री लिखित इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को ई-मेल से या खुद जाकर दे सकते हैं। राज्यपाल बाद में उसे स्वीकार करते हैं। इस्तीफा मंजूर होने तक मौजूदा सीएम ही पद पर रहेंगे।

इससे पहले 26 मई को सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंचे थे। दोनों नेताओं की मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी के साथ 6 घंटे तक बैठक हुई। इसी दौरान यह तय हुआ कि राज्य का कमान अब डीके शिवकुमार को सौंपा जाएगा।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा साल 2023 से ही चल रही थी। शिवकुमार के समर्थक विधायक कहते आ रहे थे कि 2023 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल की डील हुई थी। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर 2025 को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ था। अब आखिरकार शिवकुमार के समर्थकों में जश्न का माहौल है।