भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की गूंज सोशल मीडिया पर भी सुनाई दे रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सिंह की यात्रा से जुड़े पोस्ट्स और वीडियोज की भरमार है। सिंह के फेसबुक पेज पर ही विगत तीस दिनों में दो करोड़ से ज्यादा व्यूज आए हैं।
दिग्विजय सिंह के कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, उनके आधिकारिक फेसबुक पेज पर पिछले 30 दिनों में 2 करोड़ 40 लाख व्यूज दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 22 लाख एंगेजमेंट के साथ 52,959 नए फॉलोअर्स भी जुड़े हैं। यानी पिछले एक महीने में दिग्विजय सिंह के फेसबुक पेज पर प्रकाशित कंटेंट को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और उस पर प्रतिक्रिया दी। यात्रा से जुड़े वीडियो, तस्वीरों और संदेशों को मिल रही प्रतिक्रिया को अभियान के प्रति बढ़ती जनरुचि के तौर पर देखा जा रहा है।
यात्रा के दौरान ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और धर्मप्रेमियों की भागीदारी भी लगातार देखने को मिल रही है। दरअसल, सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के जरिए अयोध्या के श्रीराम मंदिर सहित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चंदे, चढ़ावे और धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया जा रहा है। यात्रा के माध्यम से धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ ही चंदे और चढ़ावे के उपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
यात्रा से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालु भगवान श्रीराम और सनातन धर्म के प्रति गहरी आस्था रखते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा धर्म और सेवा के लिए अर्पित किए जाने वाले दान की पवित्रता बनाए रखना और उसका पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है। आस्था के नाम पर किसी भी तरह की अनियमितता होने पर उसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
यात्रा से जुड़े लोगों के मुताबिक, सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा केवल एक पदयात्रा नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर चलाया जा रहा जनजागरण अभियान है। सोशल मीडिया पर मिल रही प्रतिक्रिया इस अभियान के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है।
बता दें कि 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू हुई लगभग 930 किलोमीटर की यह पदयात्रा ओरछा स्थित श्री रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा के माध्यम से सत्य, न्याय, धार्मिक आस्था के सम्मान, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।