तिरुवनंतपुरम। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। SIR की प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयुक्तों में मतभेद वाली रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहा है। इस बीच अब ज्ञानेश कुमार से जुड़े पुराने मामले भी सामने आने लगे हैं। केरल सरकार ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं।

दरअसल, ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी है। उन्होंने केरल में भी कई अहम पदों पर काम किया है। अब केरल सरकार ने 20 साल पुराने मामले में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह जांच 2006 में उनके राज्य में PWD सचिव रहने के दौरान लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी है। ये आरोप ठेकेदारों को सार्वजनिक निर्माण कार्य देने में कथित आपराधिक कदाचार से संबंधित हैं। यह मामला मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या से संबंधित है, जो केरल राज्य परिवहन परियोजना के तहत MC रोड के अपग्रेडेशन में शामिल PATI-BEL कंसोर्टियम से जुड़े थे। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का ज़िक्र था। यह जांच उन आरोपों के बाद शुरू की जा रही है जिनमें कहा गया है कि बाहरी दबाव डाला गया था और मूल जांच को पटरी से उतार दिया गया था। राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने विजिलेंस डायरेक्टर को सीधे निर्देश दिए हैं कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले में बाहरी प्रभाव के आरोपों की गहन जांच करें और जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई करें। यह जांच कांग्रेस नेता मलयिनकीज वेणुगोपाल की शिकायत पर की जा रही है।

इस मामले में विजिलेंस पहले भी जांच कर चुकी है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस समय की जांच को अचानक बंद कर दिया गया था। मामले की जांच को प्रभावित किया गया। अब शिकायत मिलने के बाद गृह मंत्री ने विजिलेंस निदेशक को दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में पुराने आरोपों के साथ पहले हुई जांच की स्थिति को भी देखा जाएगा। अब देखना होगा इस मामले की जांच के बात क्या कुछ सामने आता है।