कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय मुक्केबाजों ने पहली बार एक ही संस्करण में 7 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं, मध्य प्रदेश के दो खिलाड़ियों ने भी प्रदेश का गौरव बढ़ाते हुए दो रजत पदक अपने नाम किए। सागर की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टर अजय बाबू वल्लुरी ने अपने-अपने मुकाबलों में सिल्वर मेडल जीतकर भारत की झोली में अहम पदक जोड़े। उनकी उपलब्धि पर मध्य प्रदेश सरकार ने दोनों खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और खेल नीति के तहत सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उन्होंने राज्य और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खेल नीति के प्रावधानों के अनुसार दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित करेगी और उन्हें सरकारी विभाग में नियुक्ति भी दी जाएगी।

सागर जिले की रहने वाली यामिनी मौर्य ने महिलाओं के 57 किलोग्राम जूडो वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना इंग्लैंड की असेल्या टोपराक से हुआ। वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने रजत पदक जीतकर भारत और मध्य प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की।

यामिनी का सफर संघर्षों से भरा रहा है। वह एक साधारण किसान परिवार से आती हैं और उनके पिता हरिओम मौर्य खेती करते हैं। बचपन से ही खेलों में रुचि रखने वाली यामिनी की प्रतिभा को उनके कोच दीपक रजक ने पुराने सदर स्कूल मैदान में देखा था। इसके बाद उन्होंने परिवार को यामिनी को नियमित प्रशिक्षण दिलाने के लिए प्रेरित किया। शुरुआती दौर में आर्थिक तंगी और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण परिवार तैयार नहीं था लेकिन बाद में सभी ने उनका पूरा साथ दिया।

यामिनी के चाचा श्रीनाथ मौर्य के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। इसलिए शुरुआत में बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजना आसान नहीं था। हालांकि, यामिनी की लगन और प्रतिभा को देखते हुए परिवार ने पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि तीन बहनों और एक भाई के बीच पली-बढ़ी यामिनी ने यह साबित कर दिया कि यदि बेटियों को अवसर मिले तो वे देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।

पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अजय बाबू वल्लुरी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले अजय के पिता भोपाल में पदस्थ हैं और इसी कारण वह लंबे समय से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अजय ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 330 किलोग्राम वजन उठाया और स्वर्ण पदक से केवल एक किलोग्राम पीछे रह गए।

अजय बाबू ने स्नैच में 149 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 181 किलोग्राम वजन उठाकर गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी भी की। हालांकि, मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने अंतिम प्रयास में 184 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बना दिया और कुल 331 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीत लिया। इंग्लैंड के क्रिस मरे 325 किलोग्राम के साथ तीसरे स्थान पर रहे और कांस्य पदक हासिल किया।

दूसरी ओर महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक स्पर्धा में भारत को निराशा हाथ लगी। भारतीय खिलाड़ी रवीना गायकवाड़ को रेस वॉकिंग के नियमों के उल्लंघन पर तीन रेड कार्ड मिलने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया। जिसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उनका अभियान समाप्त हो गया।