भारत ने रोमांचक सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियन गेम्स 2026 की पुरुष हॉकी के फाइनल में जगह बना ली। गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने एक समय 3-0 की बढ़त बना ली थी लेकिन पाकिस्तान ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया था। हालांकि, मैच खत्म होने में सिर्फ 49 सेकेंड बाकी थे तभी अभिषेक ने फील्ड गोल दागकर भारत की जीत पक्की कर दी।
भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 5वें और 13वें मिनट में दो गोल किए। इसके बाद सुखजीत सिंह ने 23वें मिनट में गोल कर टीम को 3-0 की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पाकिस्तान ने पहले हाफ के अंतिम हिस्से में अबु मोहम्मद के 30वें मिनट के गोल से अंतर घटाया।
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दूसरे हाफ में पाकिस्तान ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। हन्नान शाहिद ने 45वें और वाहिद अशरफ राणा ने 49वें मिनट में गोल करके स्कोर 3-3 कर दिया था। इसके बाद आखिरी मिनट तक दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष चलता रहा था। जब मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था तभी अभिषेक ने अंतिम हूटर से करीब 49 सेकेंड पहले गोल कर भारत को 4-3 की बढ़त दिला दी जिसे टीम ने अंत तक कायम रखा था।
इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 14वीं बार फाइनल में प्रवेश किया है। साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ भारत की लगातार जीत का सिलसिला 21 मैचों तक पहुंच गया है। फाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। गोल्ड मेडल का मुकाबला 3 अक्टूबर को खेला जाएगा। भारत के लिए इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि फाइनल में जीत उसे लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का टिकट दिला सकती है।
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यह एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। साल 1998 के बाद पहली बार भारत की महिला और पुरुष दोनों हॉकी टीमें एक ही एशियन गेम्स संस्करण के फाइनल में पहुंची हैं। एशियन गेम्स के इतिहास में पुरुष हॉकी में पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा 8 स्वर्ण पदक जीते हैं। भारत और दक्षिण कोरिया के नाम 4-4 गोल्ड हैं। भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2023 में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय टीम इसके अलावा 1958, 1962, 1970, 1974, 1978, 1982, 1990, 1994 और 2002 में रजत पदक भी जीत चुकी है।