तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम 24 घंटे के अंदर ही खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने अमेरिका पर 10-सूत्रीय प्रस्ताव के तीन बिंदुओं के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा कि तेहरान की मुख्य शर्तों के उल्लंघन के बाद अमेरिका के साथ संघर्ष-विराम और बातचीत अतार्किक है। गालिबफ ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव को बातचीत के लिए एक व्यवहारिक आधार बताया था, वहीं इसके तीन प्रावधानों का पहले ही उल्लंघन किया जा चुका है।

गालिबफ के अनुसार, पहला उल्लंघन लेबनान से संबंधित युद्धविराम के बिंदु का पालन न करना है। युद्धविराम की घोषणा के बाद इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ बहुत बड़ा हमला किया है। नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान सीजफायर डील में शामिल नहीं है। मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साफ तौर पर संघर्ष विराम को लेकर बयान में लेबनान का जिक्र किया था।

गालिबफ ने दूसरे उल्लंघन के लिए ईरानी हवाई क्षेत्र में एक ड्रोन के प्रवेश जिम्मेदार ठहराया और बताया कि इसे फार्स प्रांत के लार क्षेत्र में मार गिराया गया। तीसरा उल्लंघन ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार से इनकार करने से है। ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव के छठे बिंदु में इसकी मांग की थी। ईरान का कहना है कि ये उल्लंघन शांति वार्ता के शुरू होने से पहले ही उनकी विश्वसनीयता कमजोर करते हैं।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ हुआ समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ, तो फिर से गोलीबारी शुरू होगी, जो पहले से ज्यादा बड़ी, ताकतवर और विनाशकारी होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बेहद कम है, लेकिन अमेरिका पूरी तरह तैयार है।

बता दें कि इजराइली सेना ने बुधवार को लेबनान में सैकड़ों मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 254 लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 1,165 लोग घायल हुए। इसके बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। ये हमले बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान, सैदोन और दक्षिण लेबनान के कई गांवों में किए गए। यह हमला उसी दिन हुआ, जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया गया था।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान अमेरिका-ईरान सीजफायर का हिस्सा नहीं है। वहीं, मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि इस सीजफायर में लेबनान भी शामिल है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि लेबनान इस समझौते से अलग है और इसका हिस्सा नहीं है।