जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने कुछ समय के लिए सनसनी फैला दी जिसमें दावा किया गया कि एक यात्री विमान की रेलवे स्टेशन पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई है। वीडियो में दिखाया गया कि हवाई जहाज सीधे रेलवे ट्रैक पर खड़ा है और पास ही ट्रेन का इंजन भी खड़ा है। हालांकि, जांच में यह पूरा मामला फर्जी और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जनरेट किया गया पाया गया।
यह वीडियो सामने आते ही लोगों के बीच भ्रम का माहौल बन गया। वीडियो में एक युवक कैमरे के सामने खड़े होकर दावा करता दिखाई दे रहा है कि पायलट को तकनीकी खराबी के कारण जबलपुर एयरपोर्ट तक पहुंचने में दिक्कत हुई और मजबूरी में उसे रेलवे स्टेशन पर विमान उतारना पड़ा। युवक यह भी कहता है कि अब न तो विमान आगे बढ़ सकता है और न ही ट्रेनों का संचालन संभव है।
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सोशल मीडिया पर इसी तरह का 14 सेकेंड का एक और वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर यात्री विमान के खड़े होने की बात कही गई। इसके अलावा एक तीसरे वीडियो में यह तक बताया गया कि एक बड़ा विमान खेत में उतार दिया गया है। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए हैं और भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को परेशानी हो रही है।
इन सभी दावों पर जबलपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तत्काल स्थिति स्पष्ट की। एयरपोर्ट डायरेक्टर आरआर पांडे ने वायरल वीडियो को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए इसका खंडन किया और कहा कि जबलपुर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने इसे गंभीर मामला मानते हुए पुलिस को सौंप दिया है।
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एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, जैसे ही वीडियो उनके संज्ञान में आया उन्होंने तुरंत सुरक्षा बैठक बुलाई गई। इसमें सीआरपीएफ के साथ-साथ स्थानीय थाना पुलिस को भी शामिल किया गया है। सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि इस फर्जी वीडियो के स्रोत की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
खमरिया थाना पुलिस ने वीडियो पोस्ट करने वाले युवक की तलाश शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह साफ हो चुका है कि वीडियो पूरी तरह एआई तकनीक से तैयार किया गया है और इसका मकसद केवल सोशल मीडिया पर लाइक और व्यू बटोरना था।
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एयरपोर्ट डायरेक्टर आरआर पांडे ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह के भ्रामक और फर्जी वीडियो न बनाएं और न ही उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करें। उन्होंने कहा कि ऐसे वीडियो खासकर अशिक्षित और आम लोगों को भ्रमित करते हैं जिससे वे घबराकर अपने परिजनों की चिंता में एयरपोर्ट या रेलवे अधिकारियों को फोन करने लगते हैं या खुद वहां पहुंच जाते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की अफवाहों से न केवल सुरक्षा एजेंसियों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर दोषी को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
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