भोपाल। राजधानी भोपाल से एक बेहद ही शर्मनाक घटना की खबर सामने आई है। 17 वर्षीय 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ पहले चार अलग अलग गाड़ियों में दुष्कर्म किया गया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। साथ ही छात्रा से इसके बदले 40 हजार रुपये की वसूली की गई और उसपर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय औसाफ अली खान और 21 वर्षीय माज खान के रूप में हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने विशेष जांच दल एसआईटी का गठन किया है जिसकी कमान एसीपी अंकिता खटरकर को सौंपी गई है।
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पुलिस के अनुसार, पीड़िता शाहपुरा इलाके के एक प्रतिष्ठित स्कूल की छात्रा है। उसकी पहचान औसाफ से आपसी मित्रों के माध्यम से हुई थी। बीते साल मई से जून महीने के दौरान औसाफ ने उसे ड्राइव पर चलने के लिए राजी किया और खानूगांव क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर ले गया। इस दौरान आरोपियों ने छात्रा को कार में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जांच में सामने आया है कि वारदात को पहले ही प्लान कर के अंजाम दिया गया। औसाफ का दोस्त माज खान जो भोपाल में जिम संचालक है कार के बाहर अंधेरे में छिपा रहा और खिड़की से घटना का वीडियो रिकॉर्ड करता रहा।
इसके बाद दोनों आरोपियों ने वीडियो को हथियार बनाकर छात्रा को धमकाना शुरू किया। उन्होंने वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये की मांग की। मानसिक रूप से आहत छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपये की व्यवस्था कर उन्हें दिए लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने उसका शोषण जारी रखा। पुलिस के मुताबिक, छात्रा के साथ एक थार समेत चार अलग-अलग वाहनों में दुष्कर्म किया गया। सभी चारों कारों को जब्त कर लिया गया है। इनमें से एक वाहन सीहोर जिले के एक गांव में छिपाकर रखा गया था जिसे बरामद कर लिया गया है।
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कोहेफिजा थाने में इस संबंध में 2 जनवरी को शिकायत दर्ज की गई थी। शाहजहांनाबाद एसीपी अनिल बाजपेयी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, जबरन वसूली और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी औसाफ को 3 फरवरी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। जबकि, माज खान को 8 फरवरी को पकड़ा गया और 13 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर रखा गया।
जांच में यह भी सामने आया कि जब छात्रा ने आरोपियों से संपर्क तोड़ दिया और उन्हें ब्लॉक कर दिया तब औसाफ ने वीडियो उसके दोस्तों को भेज दिया। इसके बाद उस पर इस्लाम धर्म अपनाने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाया गया। अंत में छात्रा ने पूरी घटना अपने परिवार को बताई जिसके बाद हिंदू संगठनों के समर्थन से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि आरोपियों ने छात्रा से करीब 40 हजार रुपये वसूल किए थे और वीडियो लीक करने की धमकी देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया था। एसआईटी फिलहाल तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। एसीपी अंकिता खटरकर ने बताया कि दूसरे आरोपी का मोबाइल फोन अभी बरामद नहीं हुआ है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने किसी अन्य युवती को भी इसी तरह निशाना तो बनाया था।
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पूछताछ में औसाफ ने बताया है कि वह मुंबई में साइबर सिक्योरिटी का कोर्स कर रहा है। जबकि, माज भोपाल में जिम चलाता है। दोनों आरोपी कोहेफिजा क्षेत्र के निवासी हैं। मामले की सुनवाई के दौरान जब औसाफ को भोपाल की अदालत में पेश किया गया तो वहां मौजूद कुछ वकीलों ने उसकी पिटाई कर दी। जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। आरोपी माज खान कोहेफिजा थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक का संबंधी है जिस पर गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है। संबंधित प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है।