मंदसौर में नकली घी की फैक्ट्री का भंडाफोड़, 40 लीटर नकली घी के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार

मंदसौर में कोतवाली पुलिस ने कर्मचारी कॉलोनी स्थित अवैध डेरे पर छापा मारकर नकली घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 40 लीटर नकली घी, नकली शहद और उपकरण जब्त किए गए।

Updated: Feb 14, 2026, 11:32 AM IST

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर शहर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। शुक्रवार रात पुलिस ने अभिनंदन नगर क्षेत्र की कर्मचारी कॉलोनी में संचालित नकली घी बनाने की अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मौके पर छापा मारकर नकली घी तैयार करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 40 लीटर तैयार नकली घी, नकली शहद सहित घी निर्माण में उपयोग किए जा रहे उपकरण जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार, कर्मचारी कॉलोनी के पीछे एक अस्थायी डेरे में भट्टियां लगाकर बड़े पैमाने पर नकली घी तैयार की जा रही थी। सूचना मिलने पर कोतवाली थाने के एसआई संदीप मौर्य अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दबिश दी। कार्रवाई के दौरान डेरे में रह रहे नानु, बंशी समेत तीन आरोपितों को रंगे हाथों नकली घी बनाते पकड़ा गया। तलाशी में गैस टंकी, चूल्हा, भट्टियां, घी बनाने के उपकरण, मोबाइल फोन और एक बाइक भी जब्त की गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सस्ते तेल और अन्य सामग्री का उपयोग कर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में खपाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार माल किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब शहर में पहले भी मिलावटी घी का बड़ा मामला सामने आ चुका है। बीते 1 फरवरी को नई आबादी पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने सीतामऊ फाटक क्षेत्र में छापा मारकर करीब 150 लीटर नकली घी जब्त की थी। उस मामले में अहमदाबाद निवासी गोपाल और संजय बागरी नामक दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया था। वे डालडा, सोयाबीन तेल और आर्टिफिशियल फ्रेगरेंस मिलाकर नकली घी तैयार कर रहे थे।

जांच में खुलासा हुआ था कि आरोपी तेल में केमिकल और आर्टिफिशियल फ्रेगरेंस मिलाकर ऐसा मिश्रण तैयार करते थे जिससे घी जैसी खुशबू और बनावट पैदा हो सके। इसी नकली घी को लगभग 200 रुपये प्रति किलो की दर से ग्रामीण क्षेत्रों में बेचकर लोगों को असली देशी घी के नाम पर ठगा जा रहा था। छापे के दौरान बड़ी मात्रा में सोयाबीन तेल, रसायन, बर्तन और निर्माण सामग्री भी बरामद की गई थी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के मिलावटी उत्पाद लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाले रसायन लंबे समय में पाचन और अन्य शारीरिक समस्याएं पैदा कर सकते हैं। पुलिस और खाद्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में मिलावटखोरों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।