इंदौर। लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड के बाद इंदौर प्रशासन ने शहरभर में फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को प्रशासन, नगर निगम और फायर विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 23 संस्थानों को सील कर दिया गया। इनमें 18 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी शामिल हैं। जबकि, शेष संस्थानों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। जांच के दौरान कई जगह गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई। इनमें बंद इमरजेंसी एग्जिट और खराब अग्निशमन व्यवस्था प्रमुख हैं।

यह कार्रवाई उस समय तेज हुई जब लखनऊ में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में मध्य प्रदेश के अनूपपुर निवासी 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर जयनील चक्रवर्ती भी शामिल थे। इस घटना के बाद इंदौर प्रशासन ने शहर के शैक्षणिक और व्यावसायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की।

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जांच के दौरान गीता भवन क्षेत्र स्थित केटेलाइजर कोचिंग सेंटर में गंभीर लापरवाही पाई गई। भवन का इमरजेंसी एग्जिट बंद मिला। जिससे किसी आपात स्थिति में बड़ी संख्या में छात्रों के फंसने का खतरा था। इसी आधार पर केटेलाइजर कोचिंग संस्थान, नुकलियम कोचिंग संस्थान, रामानुजन कोचिंग संस्थान, आयाम कोचिंग संस्थान, इकरथ कोचिंग संस्थान और मक्खन वाला होटल सहित कई संस्थानों को सील कर दिया गया। हालांकि, फिलहाल किसी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

संयुक्त टीम ने केवल कोचिंग संस्थानों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी बल्कि शहर के प्रमुख व्यावसायिक परिसरों का भी निरीक्षण किया। वेदा बिजनेस पार्क, अपोलो एवेन्यू, अपोलो आर्केड और भंवरकुआं क्षेत्र के कई भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच की गई। निरीक्षण में सामने आया कि कई इमारतों में अग्निशमन उपकरण या तो नियमों के अनुरूप उपलब्ध नहीं थे या उनका रखरखाव लंबे समय से नहीं किया गया था। इसके चलते संबंधित भवन संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

अभियान के दौरान कई बहुमंजिला इमारतों में आपातकालीन निकासी मार्ग बंद पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, आग या अन्य आपदा की स्थिति में ऐसे रास्तों का खुला और सुरक्षित रहना अनिवार्य है। इमरजेंसी एग्जिट बंद होने से लोगों की सुरक्षित निकासी बाधित हो सकती है और जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

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भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में विशेष ऑपरेशन कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन भवनों में कोचिंग संस्थानों के साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं और वहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कुछ रेस्टोरेंट, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी सील किए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जहां भी अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी वहां कार्रवाई जारी रहेगी। ऑपरेशन कोचिंग के तहत आने वाले दिनों में भी शहरभर में निरीक्षण और जांच अभियान जारी रहेगा।

एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि सील किए गए संस्थानों को स्थायी रूप से बंद करने का उद्देश्य नहीं है। भवन संचालकों को शपथपत्र देकर यह आश्वासन देना होगा कि वे 15 से 20 दिनों के भीतर आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित कर देंगे। इसके साथ ही उन्हें उपकरणों की खरीद और स्थापना से जुड़े दस्तावेज प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के बाद ही संबंधित भवनों और संस्थानों को दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।

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