CBSE री-चेकिंग ने बदला रिजल्ट, रांची की अवनी को मिले पूरे 500 अंक

रांची के डीपीएस की छात्रा अवनी केजरीवाल ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा 2026 के री-इवैल्यूएशन में इतिहास रच दिया। दोबारा मूल्यांकन में उनके कुल 24 अंक बढ़े। जिससे उनका फाइनल स्कोर 500 में से 500 हो गया है।

Updated: Jun 23, 2026, 05:21 PM IST

रांची। झारखंड की राजधानी रांची की छात्रा अवनी केजरीवाल ने सीबीएसई कक्षा 12वीं परीक्षा 2026 के री इवैल्यूएशन परिणाम में ऐसा मुकाम हासिल किया है जिसने सभी को चौंका दिया है। उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के बाद उनके कुल अंक बढ़कर 500 में 500 हो गए हैं। इस उपलब्धि के साथ वह राज्य की शीर्ष विद्यार्थियों में शामिल हो गई हैं।

प्रारंभिक परिणाम घोषित होने के बाद अवनी को लगा था कि अंग्रेजी और बिजनेस स्टडीज विषय में उनके अंक अपेक्षा से कम दिए गए हैं। खासकर अंग्रेजी में कम अंक मिलने पर उन्हें आश्चर्य हुआ। ऐसा इसलिए क्योंकि यह उनका सबसे पसंदीदा और मजबूत विषय रहा है। इसी कारण उन्होंने री इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने का फैसला किया। 

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दोबारा मूल्यांकन के बाद अंग्रेजी में उनके 19 अंक और बिजनेस स्टडीज में 5 अंक बढ़े। कुल 24 अंकों की बढ़ोतरी के साथ उनका अंतिम स्कोर 500 में 500 पहुंच गया। अवनी ने बताया कि उन्हें भरोसा था कि अंक बढ़ेंगे लेकिन सभी मुख्य विषयों में पूर्णांक मिलने की उम्मीद नहीं थी। अवनी ने इंग्लिश कोर, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स और एप्लाइड मैथेमेटिक्स में 100-100 अंक हासिल किए हैं। इसके अलावा अतिरिक्त विषय ग्राफिक्स में उन्हें 99 अंक प्राप्त हुए हैं। उनका यह प्रदर्शन उन्हें प्रदेश के सबसे उत्कृष्ट छात्रों की श्रेणी में खड़ा करता है।

अवनी रांची के धुर्वा स्थित डीपीएस सेल टाउनशिप स्कूल की छात्रा हैं। उनके पिता मितेश केजरीवाल व्यवसायी हैं। जबकि, मां पूनम केजरीवाल गृहिणी हैं। परिवार के अनुसार, अवनी बचपन से ही पढ़ाई के प्रति समर्पित रही हैं और उन्होंने हमेशा अनुशासित तरीके से अपनी पढ़ाई जारी रखी। अवनी का कहना है कि परीक्षा देने के बाद उन्हें अपने प्रदर्शन पर पूरा भरोसा था। यही विश्वास उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच कराने के लिए प्रेरित करता रहा। री इवैल्यूएशन के नतीजों ने उनके आत्मविश्वास को सही साबित कर दिया।

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अपनी सफलता का श्रेय अवनी ने अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उनका कहना है कि परिवार और शिक्षकों के लगातार सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने में मदद की। भविष्य में वह बिजनेस मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं और इसी दिशा में आगे की पढ़ाई करने की तैयारी कर रही हैं।