नई दिल्ली। मोदी सरकार में केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो गया है, जिसके चलते उन्होंने मंत्रिपरिषद छोड़ दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुरियन का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है।
बीजेपी ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में जॉर्ज कुरियन को फिर से मौका नहीं दिया। राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
जॉर्ज कुरियन केरल से आते हैं और केंद्र की मोदी सरकार में अकेले ऐसे मंत्री थे जो ईसाई समुदाय से थे। कुरियन का राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो गया। बीजेपी ने साल 2020 में उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा था। इस बार पार्टी ने उन्हें कैंडिडेट नहीं बनाया इसीलिए उन्होंने मंत्री पद छोड़ने का फैसला लिया और कार्यकाल खत्म होने के दूसरे ही दिन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
जॉर्ज कुरियन के अलावा मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा सदस्य के तौर पर कार्यकाल खत्म हो गया है। रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान से राज्यसभा सदस्य थे। हालांकि, उन्होंने फिलहाल मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है। 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव हुआ था। इनमें झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, मिजोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और गुजरात शामिल हैं। 26 में से 23 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें 19 सीटें NDA को, इंडिया ब्लॉक को 6 और एक सीट मिजोरम की जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) को मिली।