बालाघाट। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। गुरुवार को राहुल गांधी बालाघाट में मृतक आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के इस दौरे के माध्यम से प्रदेश में आदिवासियों की सुरक्षा और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दे को उठाएगी। 

राहुल गांधी इससे पहले 19 सितम्बर को छात्रों की गूंज कार्यक्रम में हिस्सा लेने इंदौर आए थे। इसके ठीक बाद अब 15 दिन के भीतर ही वे फिर मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। इस बार वे आदिवासी बच्चों की मौत के बाद बालाघाट में उनके परिजनों से मिलने जाएंगे। बालाघाट में सरकारी रिकार्ड के मुताबिक 30 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। राहुल गांधी एक अक्टूबर को इन परिवारों के बीच पहुंचेंगे।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघारने कहा कि राहुल गांधी इस दौरे में आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचकर जानकारी लेंगे कि असल में हकीकत क्या है। छात्रों की गूंज कार्यक्रम से पहले भी राहुल गांधी ने बालाघाट में हुई आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर चिंता जताई थी। राहुल गांधी ने एक एक्स पोस्ट के माध्यम से कहा था कि 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण मौतें हो रही हैं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही। सरकार सोती रही।

राहुल गांधी ने तब मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए। बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी है। चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण छोटे बच्चों की जान जा रही है।

बता दें कि बालाघाट के बिरसा विकासखंड के बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों की मौत का सिलसिला जून 2026 से सामने आया। उपलब्ध जमीनी रिपोर्ट के मुताबिक पहली दर्ज मौत 16 जून 2026 को बोंदारी गांव में 16 वर्षीय रूपलाल धुर्वे की हुई थी। इसके बाद 26 जून को कोहनीमोड़टोला की 14 वर्षीय लमनिन धुर्वे और 27 जून को साहिल धुर्वे की मौत हुई। इसके बाद बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका और आसपास के गांवों में बच्चों की मौतों का सिलसिला बढ़ता गया।