उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में किसान नेता अशोक जाट को जिला बदर करने की कार्रवाई का विरोध बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवा और किसानों ने उज्जैन में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस द्वारा बलप्रयोग भी किया गया। हालांकि, बाद में दस दिनों की मोहलत की बात पर मामला शांत हुआ।

दरअसल, कांग्रेस विधायक महेश परमार, नेता मुकेश भाटी और बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने उज्जैन पहुंच रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें बड़नगर रोड स्थित ब्रिज के नीचे रोक दिया। प्रदर्शन में शामिल होने उज्जैन पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। इस दौरान विधायक महेश परमार और पुलिस अधिकारियों के बीच भी जमकर बहस हुई।

कार्यकर्ताओं को रोके जाने पर मौके पर जमकर हंगामा हुआ और करीब एक घंटे तक पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद चलता रहा। हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी। तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। काफी देर बाद उन्हें छोड़ा गया। पुलिस ने किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता को कलेक्टर परिसर तक नहीं जाने दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा की मांग नहीं मानी तो अगला प्रदर्शन भोपाल में होगा।

इस दौरान महिदपुर विधायक दिनेश जैन बोस ने कहा कि किसानों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उज्जैन आते समय पुलिस ने उन्हें भी रोका, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं। वहीं, विधायक महेश परमार ने कहा कि किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक जाट किसानों की एक आवाज पर पहुंच जाते हैं। ऐसे नेता को जिलाबदर किया गया है। जबकि उज्जैन में गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं।