धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के औद्योगिक नगर पीथमपुर के सेक्टर-3 स्थित हजारगो वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में मंगलवार रात करीब पौने 10 बजे भीषण आग लग गई। प्लांट में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास मौजूद दो अन्य कंपनियां भी इसकी चपेट में आ गई। हालांकि, घंटो की मशक्कत के बाद बाद आग पर काबू पाया जा सका। दर्जनों दमकल वाहन लगातार आग बुझाने में लगे थे। फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग को पूरी तरह बुझाने में अभी दो दिन या उससे अधिक समय लग सकता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्लांट परिसर से अचानक आग की ऊंची लपटें उठने लगीं और कुछ ही देर में पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया। लोगों ने बताया कि घटना के दौरान एक के बाद एक कई तेज धमाकों की आवाजें भी सुनाई दी थी। जिसकी वजह से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। आग की लपटें इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर से धुआं दिखाई दे रहा था।
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सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया। शुरुआती चार घंटे तक फायर कर्मियों ने लगातार आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका था। बाद में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंदौर, धार और धमनोद से अतिरिक्त दमकल गाड़ियां बुलाई गई।
आग की चपेट में कंपनी परिसर में खड़े एक डंपर और एक जेसीबी मशीन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते आसपास के प्लांट को खाली करा लिया गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि अगर एहतियाती कदम नहीं उठाए जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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घटना की सूचना मिलते ही पीथमपुर के तीनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके अलावा धार एसपी, थाना प्रभारी और प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने हालात का जायजा लिया। धार एसपी मयंक अवस्थी और प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता आग को अन्य इकाइयों तक फैलने से रोकना है। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर निगरानी की जा रही है।
इंडसट्रियल हेल्थ एवं सेफ्टी डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि इस कंपनी में पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। कंपनी के पास लाइसेंस मौजूद है लेकिन इस बार कहां लापरवाही हुई इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सुरक्षा मानकों की जांच पूरी होने तक फैक्ट्री बंद रहेगी।
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प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि कंपनी अन्य उद्योगों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण का काम करती है और आशंका जताई जा रही है कि औद्योगिक कचरे की वजह से आग भड़की हो सकती है। हालांकि, आग लगने की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।