पाकिस्तान की अपील पर अमेरिका ने बढ़ाया सीजफायर, होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए आज 30 देशों की बैठक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की अपील पर सीजफायर को बढ़ाने का फैसला किया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में सीजफायर को अनिश्चित समय के लिए बढ़ाने का ऐलान किया है। यह फैसला उस समय लिया गया जब युद्धविराम खत्म होने वाला था और दोबारा सैन्य टकराव की आशंका बढ़ रही थी। ट्रंप ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की अपील के बाद अमेरिका ने हमले फिलहाल रोक दिए हैं। ऐसा इसलिए ताकि ईरान को बातचीत के लिए साझा प्रस्ताव तैयार करने का समय मिल सके।
हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ किया है कि यह राहत अस्थायी है और अमेरिकी सेना को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शांति वार्ता विफल होती है तो सैन्य कार्रवाई तुरंत शुरू की जा सकती है। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए आर्थिक और समुद्री नाकेबंदी जारी रखने का फैसला किया है। जिसकी वजह से ईरान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस पूरे विवाद की वजह वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग हॉर्मूज स्ट्रेट है। संघर्ष के दौरान ईरान ने इस मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उतार चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि, इसे कुछ समय के लिए खोला गया लेकिन बाद में ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन और जहाज जब्त करने के आरोप लगाते हुए इसे फिर बंद कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। एमानुएल मैक्रोन ने अमेरिका की नाकेबंदी नीति की आलोचना करते हुए इसे हालात बिगाड़ने वाला कदम बताया है। वहीं, ब्रिटेन और फ्रांस ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए 30 देशों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। यह बैठक लंदन में आयोजित हो रही है।
दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी रुख को दबाव की कूटनीति करार देते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर ग़ालिबाफ ने कहा कि अमेरिका बातचीत नहीं बल्कि समर्पण चाहता है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिका पर उकसाने वाली कार्रवाइयों और बार-बार सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि सार्थक बातचीत के लिए भरोसा और प्रतिबद्धता जरूरी है।




