राघौगढ़/गुना। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा बुधवार सुबह पार्वती नदी पार कर राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। दिग्विजय सिंह की परंपरागत विधानसभा क्षेत्र राघौगढ़ में प्रवेश करते ही यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। राघौगढ़ विधायक एवं पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रियों का आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ यात्रा का स्वागत किया। दिग्विजय सिंह के बेटे एवं विधायक जयवर्धन सिंह के साथ बहू सृजाम्या सिंह और पोते सहस्त्रजय सिंह भी यात्रा की अगवानी करने पहुंचे।
यात्रा के दौरान ग्राम पीपलखेड़ी में जननायक टंट्या भील की प्रतिमा का अनावरण पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे। प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में पारंपरिक आदिवासी लोकनृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी आदिवासी कलाकारों के साथ पारंपरिक नृत्य में सहभागिता की।
उल्लेखनीय है कि पीपलखेड़ी में टंट्या भील की प्रतिमा स्थापित कराने के लिए राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार तक प्रयास किए थे। लंबे प्रयासों के बाद यहां प्रतिमा स्थापित की गई। प्रतिमा अनावरण के दौरान आदिवासी समाज के लोगों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह, पूर्व मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, पीसी शर्मा, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा, मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, डॉ. आनंद राय और आदिवासी युवा नेता रामदेव काकोड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का उद्देश्य राम मंदिर सहित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में प्राप्त होने वाले चंदे और चढ़ावे के उपयोग में कथित अनियमितताओं के विरुद्ध जनजागरण करना तथा धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और शुचिता की मांग को जन-जन तक पहुंचाना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि श्रद्धालुओं द्वारा अपने आराध्य के प्रति अर्पित किया गया दान उनकी आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इसलिए धार्मिक संस्थाओं में प्राप्त होने वाले प्रत्येक दान का सदुपयोग सुनिश्चित होना चाहिए और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए।
यात्रा के 16वें दिन भी विभिन्न स्थानों पर मिल रहे जनसमर्थन और स्वागत से पदयात्रियों का उत्साह बना हुआ है। बाबा महाकाल और प्रभु श्रीराम की कृपा से सत्य, धर्म और स्वाभिमान का संदेश लेकर निकली यह यात्रा अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर है। राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने बताया कि गुरुवार 5 नवंबर को सुबह 8 बजे पदयात्रा की शुरुआत बरखेड़ा से होगी। इससे पहले स्थानीय गौशाला में आरती और ध्वजारोहण किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होने की अपील की है।